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भारत की ‘कुली’ की बेटी आज है इस देश की प्रधानमंत्री, आलोचकों को दिया करारा जवाब

Trinidad and Tobago PM: त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भारतीय जड़ों पर गर्व जताते हुए कहा कि ‘कुली’ कहलाने में उन्हें शर्म नहीं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ नेल्सन आइलैंड दौरे के दौरान गिरमिटिया मजदूरों के सम्मान में द्वीप का नाम बदलने का ऐलान भी किया गया।
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May 12, 2026
Kamla Persad Bissessar and pm modi
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ। (File Photo- IANS)

Kamla Persad-Bissessar: त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने अपनी भारतीय जड़ों और पूर्वजों के संघर्ष पर गर्व व्यक्त करते हुए आलोचकों को कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के स्वागत समारोह में उन्होंने कहा कि भारत से जुड़ी पहचान के लिए उन्हें अपमानित करने की कोशिश की जाती है। भारतीयों को आज भी कुछ जगहों पर कुली कहकर पुकारा जाता है। लेकिन उन्हें 'कुली' कहलाने में शर्म नहीं आती।

उन्होंने गर्व से कहा, "आज एक छोटी सी कुली लड़की त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री है।' गौरतलब है कि, भारत और त्रिनिदाद के बीच का संबंध 150 वर्ष से ज्यादा पुराना है।

भारत में जब अंग्रेज राज कर रहे थे तो वह बड़ी संख्या में भारतीय मजदूरों को बंधक बनाकर त्रिनिनाद में काम कराने के लिए ले गए थे। भारतीय वहां लंबे समय तक मेहनत-मजदूरी करते रहे और फिर वक्त के साथ तरक्की की। आज देश के कई अहम पदों पर भारतीय हैं। प्रधानमंत्री कमला प्रसाद भारतीय मूल की हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया नेल्सन आइलैंड का दौरा

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के साथ ऐतिहासिक 'नेल्सन आइलैंड' का दौरा किया।

यह द्वीप भारतीय गिरमिटिया मजदूरों के संघर्षपूर्ण इतिहास का प्रतीक है, क्योंकि भारत से आने वाले जहाज सबसे पहले इसी स्थान पर पहुंचते थे। बिसेसर ने जयशंकर की मौजूदगी में यह ऐलान किया है कि 'नेल्सन आइलैंड' का नाम बदला जाएगा। प्रधानमंत्री ने गिरमिटिया मजदूरों के सम्मान में द्वीप का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा है।

'गिरमिटिया मजदूर' के रूप में भारत से गए थे पूर्वज

कमला प्रसाद-बिसेसर का जन्म 22 अप्रैल 1952 को हुआ था। वे न केवल त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, बल्कि उन्होंने देश की पहली महिला अटॉर्नी जनरल और विपक्ष की नेता के रूप में भी इतिहास रचा। उनके पूर्वज भारत से 19वीं सदी में 'गिरमिटिया मजदूर' के रूप में कैरिबियाई देश गए थे। बिसेसर ने अपनी शिक्षा इंग्लैंड और जमैका से पूरी की और कानून की डिग्री हासिल की। राजनीतिक जीवन में उन्होंने हमेशा भारतीय प्रवासियों के अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर दिया है, जो उन्हें जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है।

Updated on:
12 May 2026 07:13 am
Published on:
12 May 2026 06:00 am