
Donald Trump-Pete Hegseth Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच हथियारों के घटते भंडार को लेकर कथित विवाद की खबरों को व्हाइट हाउस और पेंटागन ने सिरे से खारिज कर दिया है। दोनों संस्थानों ने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत हैं और राष्ट्रपति ट्रंप को अपने रक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इन खबरों को 100 प्रतिशत फेक न्यूज बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर पूरा विश्वास है। दोनों के बीच किसी तरह का टकराव नहीं हुआ है।
वहीं, पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने भी रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और काल्पनिक है। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि रक्षा मंत्री हेगसेथ ने राष्ट्रपति को गुमराह किया या ट्रंप ने अपने डिफेंस मिनिस्टर पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश की।
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में दो सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि कैंप डेविड में हुई एक बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के घटते हथियार भंडार को लेकर हेगसेथ से कड़े सवाल किए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप एयर डिफेंस इंटरसेप्टर और लंबी दूरी की मिसाइलों जैसे महत्वपूर्ण हथियारों की कमी को लेकर नाराज थे। यह भी दावा किया गया कि हेगसेथ ने इस स्थिति के लिए अपने डिप्टी स्टीव फाइनबर्ग को जिम्मेदार ठहराया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हथियारों की कमी का असर अमेरिका की विदेश नीति पर पड़ा है। इसी वजह से ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर बड़े सैन्य हमलों से फिलहाल दूरी बनाई। कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता दी। साथ ही, हथियारों की उपलब्धता का असर यूक्रेन जैसे सहयोगी देशों को सैन्य सहायता देने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग अपने हथियारों के भंडार को दोबारा मजबूत करने के लिए 67 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग कर रहा है। यह राशि प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट का हिस्सा है, जिस पर अमेरिकी सरकार विचार कर रही है। हालांकि, व्हाइट हाउस और पेंटागन ने रिपोर्ट में किए गए सभी प्रमुख दावों को खारिज किया है। उसके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप तथा रक्षा मंत्री हेगसेथ के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है।