
Donald Trump on Iran Drone Attack: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला कराने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने इसे अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम सीजफायर समझौते का 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन बताया है। हालांकि, ईरान की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में दावा किया कि चार ड्रोन मालवाहक जहाज की ओर भेजे गए थे। उनके मुताबिक, एक ड्रोन जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया जिससे उसे नुकसान पहुंचा, लेकिन जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जहाज की ओर बढ़ रहे तीन अन्य ड्रोन मार गिराए। हालांकि उन्होंने न तो जहाज का नाम बताया और न ही हमले का समय स्पष्ट किया। इससे पहले ब्रिटेन की सेना ने गुरुवार को ओमान तट के पास एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला होने की जानकारी दी थी।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने का अभियान चला रही थी। एजेंसी ओमान के तट से सटे वैकल्पिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर जहाजों को बाहर निकाल रही थी।
हमले के बाद IMO ने इस अभियान को रोक दिया। संगठन के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज के मुताबिक जब तक अन्य जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती तब तक यह अभियान दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में करीब 115 जहाज जलडमरूमध्य से निकल चुके हैं, जबकि अब भी लगभग 500 जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं।
समुद्री विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य हो रहे समुद्री कारोबार को झटका दिया है। समुद्री डेटा कंपनी विंडवार्ड ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में व्यापारिक जहाजों का भरोसा बढ़ रहा था लेकिन इस ड्रोन हमले ने सामान्य स्थिति बहाल होने की रफ्तार धीमी कर दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले से एक दिन पहले 78 जहाज जलडमरूमध्य से गुजरे थे जो युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अधिक संख्या थी। हालांकि यह युद्ध से पहले प्रतिदिन गुजरने वाले औसतन 130 से अधिक जहाजों से अब भी कम है।
वहीं, समुद्री विश्लेषण कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, कम से कम दो तेल टैंकर ओमान के पास संयुक्त राष्ट्र समर्थित मार्ग से गुजरने की कोशिश के दौरान वापस लौट गए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने जहाजों से केवल तेहरान द्वारा मंजूर समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करने को कहा था।
अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते के तहत 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की शर्तें तय की जानी हैं। इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित जहाजरानी और ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार जैसे मुद्दों पर भी बातचीत चल रही है।