
UN General Assembly Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि न्यूयॉर्क में उनका कार्यक्रम केवल औपचारिक कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रंप खाड़ी सहयोग परिषद के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और ईरान से जुड़े खतरे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। ऐसे में यूएन मंच अमेरिका की अगली ईरान नीति के संकेत देने वाला अहम पड़ाव बन गया है।
अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत माइक वॉल्ट्ज के अनुसार, ट्रंप अपने भाषण में इस बात पर जोर देंगे कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाना चाहिए। अमेरिकी पक्ष इस मांग को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों से भी जोड़ रहा है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि न्यूयॉर्क में ट्रंप या उनके प्रशासन का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि सीधे ईरानी अधिकारियों के साथ बैठक करेगा या नहीं। अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को महासभा में शामिल होने के लिए वीजा देने की अनुमति जरूर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक इस बार ईरान का प्रतिनिधिमंडल पिछले वर्ष की तुलना में छोटा रहेगा।
ट्रंप की खाड़ी सहयोग परिषद के नेताओं के साथ प्रस्तावित बैठक को भी अहम माना जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और खाड़ी देशों की चिंताओं पर सीधे चर्चा होगी।
बैठक की पृष्ठभूमि में होर्मुज जलडमरूमध्य भी महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद संवेदनशील है। अमेरिका का कहना है कि वैकल्पिक रास्तों से तेल की आवाजाही बढ़ने के कारण ईरान की इस रणनीतिक क्षेत्र पर निर्भरता से मिलने वाला दबाव कुछ कम हुआ है।
हाल के महीनों में होर्मुज को लेकर तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया है। सितंबर में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ी है।
वॉशिंगटन ने ईरान के साथ आर्थिक गतिविधियों को लेकर सहयोगी देशों और कारोबारी संस्थाओं को चेतावनी देने का संकेत दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस साल चीन और हांगकांग की कुछ ऐसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिन पर ईरान के तेल कारोबार और राजस्व तंत्र को मदद पहुंचाने के आरोप हैं।
इसी बीच, रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान से जुड़े प्रतिबंधों की स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले प्रस्ताव को रोक दिया है। इससे ईरान के परमाणु मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और जटिल हो गई है।
ट्रंप का यूएन कार्यक्रम केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक उनके भाषण में गाजा शांति योजना, वैश्विक कूटनीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नियमन, समुद्री संसाधन और अंडरसी केबल जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे।
न्यूयॉर्क दौरे के दौरान ट्रंप ब्रिटेन और जापान के प्रधानमंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा विश्व नेताओं के लिए आयोजित कार्यक्रम और वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति से मुलाकात भी उनके कार्यक्रम में शामिल है।