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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी डाक सेवा ने रोका काम, ट्रंप के मेल वोटिंग सिस्टम पर लगा ब्रेक

US Postal Service: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है। इसके बाद यूएस पोस्टल सर्विस ने मेल वोटिंग सीमित करने वाले विवादित कंप्यूटर सिस्टम पर काम पूरी तरह रोक दिया है।
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Sep 18, 2026
Trump Election Order, US Politics,
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप की मेल वोटिंग योजना पर ब्रेक। (फोटो: चैटजीपीटी / एआई)

Trump Mail Voting Order US Postal Service: अमेरिका में मेल वोटिंग को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी डाक सेवा (USPS) ने ट्रंप के आदेश के तहत बनाए जा रहे उस कंप्यूटर सिस्टम पर काम रोक दिया है, जिसका इस्तेमाल मेल बैलेट भेजने से पहले मतदाताओं की पात्रता जांचने के लिए किया जाना था। पोस्टमास्टर जनरल डेविड स्टीनर ने इसकी पुष्टि की है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रोका गया काम

डेविड स्टीनर ने एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा कि अदालत के आदेश के कारण डाक सेवा फिलहाल इस सिस्टम पर कोई काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा वहां रोक का आदेश है इसलिए हम कुछ नहीं कर रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन की योजना में मेल बैलेट की जांच के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम बनाया जा रहा था। इसमें राज्यों की मतदाता सूची के आधार पर यह जांच होनी थी कि किन लोगों को मेल बैलेट भेजा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका में इस साल होने वाले चुनावों के लिए ट्रंप के मेल बैलेट वाले नए नियमों पर रोक लगा दी। इसके बाद राज्यों में पहले की तरह मेल वोटिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी।

ट्रंप के आदेश में क्या था?

ट्रंप ने मार्च 2026 में एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसमें मेल वोटिंग की प्रक्रिया में कई बदलावों का प्रस्ताव था। आदेश के तहत राज्यों को नए नियमों के मुताबिक बैलेट लिफाफे इस्तेमाल करने और मतदाताओं से जुड़ी जानकारी एक केंद्रीय व्यवस्था में देने की प्रक्रिया अपनानी थी। ट्रंप की योजना के तहत अमेरिकी डाक सेवा को ऐसे लोगों को मेल बैलेट भेजने से रोकना था, जो तय नियमों के मुताबिक पात्र मतदाता नहीं हैं। इसके लिए एक कंप्यूटर सिस्टम तैयार किया जा रहा था, जिसे सितंबर के मध्य तक शुरू करने की योजना थी।

2026 चुनाव में पुरानी मेल वोटिंग व्यवस्था रहेगी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी डाक सेवा ने कर्मचारियों को बताया कि 2026 के चुनाव में ट्रंप के नए नियम लागू नहीं होंगे। मेल बैलेट से जुड़ी पुरानी प्रक्रिया ही जारी रहेगी। पोस्टमास्टर जनरल डेविड स्टीनर ने कहा कि उनका ध्यान डाक सेवा के कामकाज पर है और उन्होंने ट्रंप की नीति पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की।

सिस्टम को लेकर भी उठे सवाल

इस कंप्यूटर सिस्टम को लेकर पहले से सवाल उठ रहे थे। इसी महीने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि सिस्टम को बहुत कम समय में तैयार किया जा रहा था और इसमें कई तकनीकी खामियां थीं। डेविड स्टीनर ने कहा कि इतने बड़े सिस्टम को कम समय में तैयार करना बड़ी चुनौती थी। हालांकि, उन्होंने अपनी टीम के काम पर भरोसा जताया और कहा कि उन्हें इतने कम समय में काम पूरा करने पर गर्व है।

लिफाफे और बारकोड के नए नियम

ट्रंप के आदेश में मेल बैलेट के लिफाफों और बारकोड को लेकर भी नए नियम थे। अमेरिकी डाक सेवा आगे भी बारकोड वाले लिफाफों को बढ़ावा देगी। स्टीनर के मुताबिक, बारकोड वाले लिफाफों को संभालना आसान होता है इसलिए उन पर कम शुल्क लिया जा सकता है। बिना बारकोड वाले लिफाफों पर ज्यादा शुल्क लग सकता है।

मतदाताओं से जल्द बैलेट भेजने की अपील

अमेरिकी डाक सेवा ने मेल वोटिंग करने वाले लोगों से अपना बैलेट जल्द भेजने की अपील की है। डेविड स्टीनर ने कहा कि मतदाताओं को चुनाव से करीब सात दिन पहले अपना बैलेट भेज देना चाहिए। फिलहाल 2026 के चुनाव में मेल वोटिंग की मौजूदा प्रक्रिया ही जारी रहेगी।

Updated on:
18 Sept 2026 07:41 am
Published on:
18 Sept 2026 07:41 am