
Trump on Iran missile attack: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष फिर से तेज हो गया है। आज जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब हमारी बारी है। अमेरिकी हमले को राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की मीटिंग से जोड़कर भी देखा जा रहा है। यह हमला तब हुआ, जब नेतन्याहू व्हाइट हाउस से कुछ ही देर पहले निकले थे। अमेरिकी राष्ट्रपति निवास से यह खबरें भी सामने आई कि इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा था कि ईरान को लेकर सभी विकल्प खुले रखे जाने चाहिए।
ट्रंप और नेतन्याहू की मीटिंग के दौरान एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई जिंदा तो हैं, लेकिन उन्हें आखिरी बार किसने और कब देखा, इसकी पुष्टि कोई नहीं कर सकता। अधिकारी के मुताबिक खामेनेई ने अपने लोगों को साफ कह रखा है कि उनकी मंजूरी के बिना कोई कदम न उठाया जाए, और पहले भी कथित तौर पर वे इस बात को लेकर नाराज हो चुके हैं कि उनसे पूछे बिना फैसला ले लिया गया।
अमेरिकी मीडिया एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत का अधिकांश हिस्सा ईरान पर ही केंद्रित रहा। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान को लेकर तीन प्लानिंग पर बातचीत। उन्होंने बातचीत से समझौता, नौसैनिक घेराबंदी के साथ आर्थिक दबाव बढ़ाना, और अगर दोनों रास्ते नाकाम रहें तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने पर सहमति जताई।
अमेरिकी मीडिया ने यह भी रिपोर्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरान से बातचीत में लगे हुए हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अभी भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। नेतन्याहू ने साफ कहा कि उन्हें शक है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम रोकने वाले किसी समझौते पर राजी होगा। रॉयटर्स के मुताबिक नेतन्याहू ने ट्रंप पर हमला दोबारा शुरू करने का दबाव नहीं बनाया, बल्कि यह कहा कि आखिरी फैसला ट्रंप का ही होगा।
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ऊर्जा कीमतों और लंबी लड़ाई से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर भी बातचीत हुई। इस मीटिंग में इजरायल ने सीरिया में तुर्किये के सैनिकों की मौजूदगी का मसला भी उठाया।