विदेश

ट्रंप के साथ अमेरिका के 4 सबसे अमीर टेक दिग्गज, किसी ने चुनाव में झोंके करोड़ों तो किसी ने दिया अरबों का तोहफा

Elon Musk: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बीच एलन मस्क, लैरी एलिसन, माइकल डेल और मार्क बेनिऑफ चर्चा में हैं। जानिए इन चार टेक अरबपतियों ने डोनाल्ड ट्रंप और उनकी योजनाओं को कितनी आर्थिक मदद दी।
3 min read
• •
Updated: 5 Nov 2026, 9:34 AM IST
Donald Trump and Elon Musk
डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क (फ़ोटो- AI Generated)

US Midterm Elections:अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में टेक दुनिया के चार बड़े अरबपतियों ने जमकर पैसा लगाया। एलन मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए 474 मिलियन डॉलर खर्च किए, तो माइकल डेल और उनकी पत्नी ने ट्रंप अकाउंट्स के लिए 6.25 अरब डॉलर देने का ऐलान किया। वहीं, ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन ने ट्रंप के 2024 के चुनाव अभियान का समर्थन करने वाले संगठन को 45 मिलियन डॉलर दिए। दूसरी ओर, सेल्सफोर्स के CEO मार्क बेनिऑफ ने व्हाइट हाउस में बॉलरूम बनाने के लिए 10 लाख डॉलर देने का वादा किया। जानिए कौन हैं ट्रंप के ये चार बड़े टेक समर्थक और उन्होंने किस तरह उनकी मदद की।

एलन मस्क बने रिपब्लिकन कैंपेन के सबसे बड़े मददगार

दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क इस चुनाव में ट्रंप के सबसे बड़े आर्थिक मददगार बनकर उभरे। मस्क ने 2026 के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए करीब 474 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड चंदा दिया। इसमें से 216 मिलियन डॉलर उन्होंने अपने 'अमेरिका PAC' को दिए, जिसने प्रतिनिधि सभा और सीनेट की 40 से ज्यादा सीटों पर चुनावी अभियान संभाला। इसके अलावा सीनेट और कांग्रेसनल फंड्स में भी करोड़ों डॉलर खर्च किए। चुनाव से ठीक पहले मस्क ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर डेमोक्रेट्स 2028 में प्रतिनिधि सभा, सीनेट और राष्ट्रपति पद तीनों पर जीत हासिल कर लेते हैं, तो वे नए राज्यों को शामिल करके और अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों को नागरिकता देकर स्थायी बहुमत बना सकते हैं। मस्क के अनुसार, रिपब्लिकन सीनेटरों को जिताना अमेरिका के लोकतंत्र को बचाने की आखिरी शर्त थी।

लैरी एलिसन ने गुप्त तरीके से की ट्रंप की मदद, 45 मिलियन डॉलर का दिया चंदा

ओरेकल (Oracle) के सह-संस्थापक लैरी एलिसन भले ही चुनावी रैलियों के मंच पर कम दिखाई दिए, लेकिन उन्होंने आर्थिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप का मजबूत समर्थन किया। एलिसन ने एक गैर-लाभकारी संगठन के जरिए ट्रंप के समर्थन में करीब 45 मिलियन डॉलर दिए। खास बात यह रही कि इस चंदे की जानकारी लंबे समय तक गुप्त रखी गई। वहीं, ट्रंप के करीब आने के बाद ओरेकल को लेकर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, बाद में कंपनी को 500 अरब डॉलर के 'स्टारगेट AI प्रोजेक्ट' में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।

माइकल डेल ने बच्चों के लिए खोला खजाना, 'ट्रंप अकाउंट्स' को दिए 6.25 अरब डॉलर

डेल कंप्यूटर्स के मालिक माइकल डेल का तरीका बाकी टेक दिग्गजों से बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने सीधे चुनावी फंड में पैसा देने के बजाय ट्रंप सरकार की एक महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजना को चुना। माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान ने ट्रंप के 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' के तहत शुरू हुए 'ट्रंप अकाउंट्स' के लिए 6.25 अरब डॉलर का भारी-भरकम दान दिया। इस पैसे से अमेरिका के कम आय वाले परिवारों के 2.5 करोड़ बच्चों के खातों में 250-250 डॉलर जमा किए जाएंगे। ट्रंप ने माइकल डेल के इस योगदान की जमकर तारीफ की थी। इसके बाद डेल कंपनी के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।

कभी डेमोक्रेट्स को देते थे चंदा, अब ट्रंप के व्हाइट हाउस प्रोजेक्ट के मददगार बने

सेल्सफोर्स (Salesforce) के CEO मार्क बेनिऑफ का डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में आना काफी चर्चा में रहा, क्योंकि वह पहले ऐतिहासिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी को फंड देते थे। बेनिऑफ ने ट्रंप के प्रोजेक्ट यानी व्हाइट हाउस में एक बड़ा बॉलरूम बनाने के लिए 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) देने का वादा किया। उनकी कंपनी सेल्सफोर्स ने भी अलग से आर्थिक मदद देने की घोषणा की। बेनिऑफ उस समय विवादों में आ गए, जब उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में सुरक्षा के लिए नेशनल गार्ड तैनात करने की वकालत की। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने इस बयान के लिए माफी मांग ली। इसके अलावा, सेल्सफोर्स पर अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) को अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल उपलब्ध कराने के भी आरोप लगे हैं।

Updated on:
5 Nov 2026, 9:34 AM IST
Published on: