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Netanyahu vs Eisenkot: इजरायल का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? अमेरिकी में ट्रंप की पार्टी के हार के बाद यहां क्या हो रहा है?

Israel elections 2026: इजरायल में सरकार बनाने की दौड़ तेज। चुनाव नतीजे प्रमाणित, राष्ट्रपति हर्जोग की बातचीत शुरू। नेतन्याहू या आइजनकोट, कौन बनेगा अगला प्रधानमंत्री? जानें पूरा गणित।
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भारत

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Pushpankar Piyush

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Updated: 5 Nov 2026, 8:21 AM IST

Gadi Eisenkot

बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट (फोटो सोर्स-@MarioNawfal)

Israel's next Prime Minister: एक तरफ अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार हुई है। दूसरी तरफ इजरायल में नई सरकार बनाने की कवायद अब अगले चरण में पहुंच गई है। देश की केंद्रीय चुनाव समिति ने 27 अक्टूबर को हुए आम चुनाव के नतीजों को प्रमाणित कर राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को सौंप दिया है। समिति ने राष्ट्रपति को बताया कि चुनाव में धांधली के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने चुनाव में बहुमत नहीं मिलने के बाद धांधली के आरोप लगाए थे।

इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्गोज अगले दो दिन तक अलग-अलग गुटों के नेताओं से बातचीत करेंगे। उसके बाद उस उम्मीदवार को चुनेंगे, जिसके पास सरकार बनाने का दावा सबसे मजबूत हो। इस बार के चुनाव में नेतन्याहू की अगुवाई वाले गुट को 53 सीटें मिलीं, उनके मुख्य प्रतिद्वंदी गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिलीं, जबकि अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को 19 सीटें मिलीं। इजरायली संसद (नेसेट) में कुल 120 सीटें हैं।

राष्ट्रपति कार्यालय में बातचीत का दौर शुरू: इजरायली मीडिया रिपोर्ट

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति कार्यालय में बातचीत का दौर शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि येश पार्टी के प्रमुख आइजनकोट के पक्ष में नेतन्याहू से ज्यादा सिफारिशें आएंगी। यह गुट आइज़नकोट को सरकार बनाने के लिए उम्मीदवार के रूप में सुझाएगा। वहीं नेतन्याहू को उनके साथ चुनाव लड़ने वाली पांच में से चार पार्टियों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। जिनकी कुल सीटें 46 हैं।

UTJ पार्टी के पास नेतन्याहू के पीएम बने रहने की चाबी

तीन पार्टियों ने अभी तक अपना फैसला नहीं बताया है। अरब नेतृत्व वाली रआम, जॉइंट लिस्ट और यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म। यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म के पास नेतन्याहू के पीएम बने रहने की चाबी है। UTJ पार्टी के सात सासंद हैं। वह नेतन्याहू समर्थक गठबंधन का हिस्सा है। UTJ आमतौर पर किसी भी दल को अपना समर्थन देने से बचती आई है, लेकिन इस बार उस पर नेतन्याहू को समर्थन देने दबाव है। इजरायली मीडिया चैनल 12 की रिपोर्ट की माने तो नेतन्याहू की टीम यूटीजे के प्रतिनिधियों से बात कर रही है, ताकि अल्ट्रा राइट विंग पार्टी का समर्थन मिले। वहीं, राष्ट्रपति हर्गोज ने भी राजनीतिक दलों से अपली की है कि हर वादा और हर प्रतिबद्धता पूरी नहीं की जा सकती, पार्टियां फिर से चुनाव से बचें।

नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सरकार बनाने की अपील की

वहीं, नेतन्याहू बहुमत नहीं मिलने के बाद लगातार बयान देते नजर आ रहे हैं। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को बाहर से ईरान और उसके सहयोगियों से खतरा है, जबकि देश के भीतर कट्टरपंथी इस्लाम चुनौती बन रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि विपक्षी दल ऐसी पार्टियों से हाथ मिलाना चाहते हैं, जो हमास व आतंकवाद का समर्थन करती है।

नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कट्टरपंथी इस्लाम यूरोप के कई देशों के लिए भी बड़ी चुनौती है। यह इजरायल के लिए भी चुनौती बनकर सामने उभरा है। नेतन्याहू ने एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस सरकार का नेतृत्व उनकी लिकुड पार्टी करे। इसमें राष्ट्रीय गठबंधन के सभी घटकों के साथ वे जियोनिस्ट पार्टियां भी शामिल हों, जो सरकार में आने को तैयार हैं।