
Trump threatens Iran : अमेरिका और ईरान के बीच जंगबंदी के समझौते पर हस्ताक्षर हस्ताक्षर होने से 48 घंटे पहले इस मामले में एक नया पेच आ गया है। अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कह दिया है कि ईरान ने अभी डील 'फाइनल नहीं की है,' बल्कि एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग है और साथ में चेतावनी भी दी है कि अगर उन्हें यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया तो 'हम उन पर बम चलाएंगे।' ट्रंप का यह भी कहना है कि अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल गए तो उस पर नरक बरस पड़ेगा। ईरानी मीडिया के अनुसार, समझौते के मसौदे में दोनों पक्षों को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके 440 किलोग्राम (970 पाउंड) उच्च संवर्धनित यूरेनियम भंडार के निस्तारण के मुद्दे पर अंतिम समझौता करने के लिए उसे समय दिया गया था।
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ईरान में निवेश नहीं करेगा, लेकिन अगर खाड़ी देश ऐसा करते हैं तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। ऐसी खबरें गलत हैं जिनमें कहा गया है कि अमेरिका-ईरान डील में तेहरान के लिए 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड का प्रावधान है। इस समझौते की अहम बात यह है कि इसकी रूपरेखा पहले बन गई है और विवरण बाद में आएगा। समझौते के बारे में एक जानकारी सामने आई है कि युद्ध की शुरुआत में अमेरिका की मांगों के बावजूद, ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में उसके प्रॉक्सी सशस्त्र समूहों को दिए जा रहे समर्थन से संबंधित चर्चाओं को वार्ता के एजेंडे से हटा दिया गया है।
ट्रंप ने कहा, 'हम एक पैसा भी नहीं लगा रहे हैं। हम निवेश नहीं कर रहे हैं और हमारे पास कोई फंड भी नहीं है। वह खाड़ी देशों से ईरान में निवेश करने के लिए नहीं कह रहे हैं, लेकिन "अगर वे ऐसा करते हैं, तो ठीक है। मुझे लगता है कि जब तक उन्हें ईरानियों के व्यवहार के बारे में पता नहीं चल जाता, तब तक वे ऐसा नहीं करेंगे।'
समझौते से पहले ट्रंप का ऐसा बयान आना बहुत अहम है। एक सवाल यह भी है कि ईरान के साथ डील में ट्रंप के क्या हाथ लगा? उधर इजरायल भी उसे आंख दिखा रहा है। ये हालात अमेरिका के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
ध्यान रहे कि शुक्रवार को जिनेवा में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित होने वाले समझौते का पूरा प्रारूप अभी तक जारी नहीं किया गया है, हालांकि, पिछले कुछ दिनों में इसके वास्तविक स्वरूप के बारे में ज्यादातर विवरणों में अलग अलग बातें सामने आई हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि किस बात पर सहमति बनी है, बल्कि यह है कि किस बात को स्थगित किया गया है।