
Iran President Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- समझौते के लिए यही सबसे सही समय (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)
Iran War Latest News: पश्चिम एशिया में बारूद की गंध के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के ताजा बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। लंबे समय से ‘न युद्ध, न शांति’ के अनिर्णायक भंवर में फंसे ईरान ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात समझौते के लिए सबसे मुफीद हैं। अपनी सैन्य मजबूती का दम भरते हुए तेहरान अब टकराव की जगह संवाद की मेज पर समाधान तलाशने की वकालत कर रहा है।
तेहरान की सत्ता में सुधारवादी चेहरे के रूप में देखे जाने वाले राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश की आंतरिक एकजुटता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है। उनका मानना है कि संघर्ष के इस दौर में ईरान एक विजयी और सशक्त पक्ष के रूप में उभरा है, इसलिए वाशिंगटन के साथ किसी ठोस समझौते पर पहुंचने का यह सबसे सही वक्त है।
पेजेशकियन ने सीजफायर और समझौतों के उल्लंघन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि युद्ध के मैदान में उतरने के बजाय दोनों पक्षों को उल्लंघनों की जांच के लिए पहले ही एक संयुक्त निगरानी तंत्र बनाना चाहिए था। उन्होंने उम्मीद जताई कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत से कोई सार्थक हल निकलेगा और क्षेत्र इस अनिर्णय के दौर से बाहर आ सकेगा।
राजनीतिक बयानों से इतर जमीनी हकीकत अब भी बेहद तनावपूर्ण है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त रुख अपनाया है।
ईरान ने जलमार्ग को पूरी तरह सामान्य करने के लिए दो टूक शर्तें रखी हैं:
दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन भी इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर आक्रामक है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार, ईरान ने यह स्पष्ट किया है कि उसका इस जलडमरूमध्य पर कोई टैक्स (Toll) वसूलने का इरादा नहीं है, लेकिन वाशिंगटन जहाजों पर होने वाले हमलों को पूरी तरह रोकने की ठोस गारंटी चाहता है।
अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा लागू की गई नाकेबंदी के तहत अब तक 53 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया है, दो को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य पर तलाशी अभियान चलाया गया है।
इसी बीच मध्य पूर्व के बदलते शक्ति संतुलन में तुर्किये, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए नए रक्षा समझौते पर भी चर्चा तेज है। हालांकि, तुर्किये के विदेश मंत्री हकन फिदान ने साफ किया है कि यह त्रिपक्षीय गठबंधन ईरान के खिलाफ लक्षित नहीं है।
कूटनीतिक वार्ताओं की कोशिशों के बीच जमीन पर हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही:
इजरायल का मोर्चा: गाजा पट्टी और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के हमले लगातार जारी हैं, वहीं वेस्ट बैंक के बेथलहम के पास फिलिस्तीनी बस्तियों पर हमलों की खबरें हैं।
यमन में हलचल: यमन की सरकारी सेना ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों ने मारिब शहर के रिहायशी इलाकों और विस्थापितों के शिविरों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है।
पेजेशकियन का बयान तेहरान की बदली रणनीति का इशारा हो सकता है, लेकिन ओमान की वार्ताओं का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या अमेरिका और ईरान अपने कड़े सैन्य रुख से पीछे हटने को तैयार होते हैं या नहीं।
Updated on:
09 Aug 2026 06:38 am
Published on:
09 Aug 2026 06:37 am
