
अमेरिका (United States Of America) की इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) इंडो-पैसिफिक देशों के दौरे (Indo-Pacific Trip) पर रवाना हो चुकी हैं। पद संभालने के बाद से यह उनका पहला विदेश दौरा होगा। इस दौरे के दौरान तुलसी जापान (Japan), थाईलैंड (Thailand) और भारत (India) का दौरा करेंगी। तुलसी के भारत दौरे पर सभी की नज़रें हैं। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद उनके प्रशासन का किसी अधिकारी का यह पहला भारत दौरा होगा।
तुलसी ने सोशल मीडिया पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के शांति, स्वतंत्रता और समृद्धि के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मज़बूत संबंध, समझ और खुले संचार का निर्माण करना अहम है। अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ ने सोशल मीडिया पर अपने इस दौरे के बारे में बताया।
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तुलसी, 17 और 18 मार्च को भारत दौरे पर रहेंगी। भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में और मज़बूती लाने के लिए तुलसी का यह दौरा काफी अहम होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तुलसी, हिंदू धर्म को मानती हैं।
भारत दौरे के दौरान तुलसी की मुलाकात भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी से हो सकती है। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच इंटेलिजेंस मामलों पर भारत-अमेरिका संबंधों मज़बूती लाने, आतंकवाद से निपटने, दोनों देशों की इंटेलिजेंस सर्विसेज़ का फायदा एक-दूसरे को पहुंचाने के लिए जैसे अहम विषयों पर बातचीत हो सकती है।
ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से ही पाकिस्तान और चीन के प्रति अपने आक्रामक तेवर दर्शा दिए हैं। ऐसे में भारत और अमेरिका की बढ़ती नज़दीकी दोनों देशों के लिए पहले से ही चिंता का विषय है। अब तुलसी के भारत दौरे से पाकिस्तान और चीन की टेंशन बढ़ना तय है।
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