दो दोस्तों ने हाल ही में कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई अपने घर से निकले और करीब 13,000 किलोमीटर पैदल चलकर दूसरे महाद्वीप पहुंच जाए? फ्रांस में रहने वाले दो बचपन के दोस्तों, लोइक वोइसोट और बेंजामिन हम्ब्लोट ने हाल ही में कुछ ऐसा कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। सितंबर 2024 में फ्रांस के एनेसी से शुरू होकर दक्षिणी यूरोप से होते हुए यह सफर शनिवार को चीन के शंघाई में मशहूर 'बंड प्रोमेनेड' पर खत्म हुआ तो तालियों की गड़गड़ाहट उनका स्वागत कर रही थी। उन्होंने लगभग रोज 45 किलोमीटर चलते हुए यह मंजिल हासिल की। इस दौरान उन्हें उज्बेकिस्तान के तपते रेगिस्तानों को पार करना पड़ा, वहीं यूरोप और मध्य एशिया की बर्फीली सर्दियों में टेंट लगाकर रातें गुजारनी पड़ी।
दोनों देशों ने 16 देशों की यात्रा पैदल ही की। 518 दिन की कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत दोनों ने यह कमाल कर दिखाया।
पेशे से क्लाइमेट कंसल्टेंट लोइक ने बताया कि यह फैसला पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी दिखाने के लिए लिया गया था। दोनों जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने विमान के बजाय 'ज़ीरो कार्बन' यानी पैदल यात्रा का विकल्प चुना। दोनों ने सिर्फ रूस में सुरक्षा कारणों से एक छोटा हिस्सा बस से तय किया, बाकी पूरा सफर पैदल ही तय किया।