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माउंट एवरेस्ट से उतरते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की हुई मौत

दो भारतीय पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई तो कर ली, लेकिन उतरते समय दोनों ने अपनी जान गंवा दी।
2 min read
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May 22, 2026
Mount Everest
Mount Everest

माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) दुनिया की सबसे ऊंची पर्वतीय चोटी है, लेकिन इस पर चढ़ना बेहद खतरनाक है। ऊंचाई पर ऑक्सीजन बेहद कम होती है, जिससे दिमाग और शरीर ठीक से काम नहीं करते। तापमान काफी गिर जाता है। तेज हवाएं, बर्फीले तूफान, हिमस्खलन और गहरी दरारें चढ़ाई को जानलेवा बनाती हैं। चढ़ाई में शारीरिक थकान, फ्रॉस्टबाइट और मौसम की मार को कई पर्वतारोही झेल नहीं पाते और अपनी जान गंवा बैठते हैं। इससे उतरना और भी मुश्किल होता है क्योंकि शरीर पूरी तरह थक चुका होता है, ऑक्सीजन खत्म हो रही होती है और संतुलन बिगड़ जाता है। हर साल सैकड़ों लोग प्रयास करते हैं, लेकिन कई की मौत हो जाती है। हाल ही में दो भारतीय पर्वतारोहियों के साथ भी ऐसा ही हुआ।

माउंट एवरेस्ट से उतरते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की हुई मौत

नेपाल (Nepal) अभियान संचालक संघ के महासचिव ऋषि भंडारी ने इस बारे में बात करते हुए कहा, "एक भारतीय पर्वतारोही संदीप ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई की, लेकिन उतरते समय वह बहुत थक गया। पर्वतारोहण करने वाले शेरपा गाइडों ने उसकी जान बचाने के लिए बहुत मेहनत की और रात भर में उसे बालकनी से साउथ कोल तक सुरक्षित निकाला। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश जारी रखी, लेकिन दुर्भाग्य से हम उसे बचा नहीं पाए। कल शाम लगभग 5:30 बजे एक अन्य पर्वतारोही अरुण तिवारी ने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई की। उनके साथ दो अनुभवी शेरपा गाइड थे और वो साथ में उतरने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हिलेरी स्टेप पर वह बहुत थक गया और दुर्भाग्य से हमारे गाइड उसे बचा नहीं पाए।"

इस साल 5 लोगों की मौत

हाल ही में हुई दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत के साथ इस पर्वतारोहण सत्र में माउंट एवरेस्ट पर मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। अभियान के दौरान इससे पहले 3 नेपाली पर्वतारोहियों की मौत हो चुकी थी।

Updated on:
22 May 2026 01:29 pm
Published on:
22 May 2026 12:46 pm
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