
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) 24 फरवरी, 2022 से जारी है और इसे 53 महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है। इतने लंबे समय से चले आ रहे युद्ध का फिलहाल कोई अंत नज़र नहीं आ रहा है। जब यह युद्ध शुरू हुआ था, तब लगा था कुछ ही दिन में यूक्रेन के खिलाफ रूस की जीत हो जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यूक्रेन को कई देशों से सैन्य और आर्थिक मदद मिली, जिसकी वजह से अभी भी वो रूस का सामना कर रहा है। जब से युद्ध शुरू हुआ है, रूस ने यूक्रेन में तबाही मचाई है, लेकिन पिछले कुछ समय में यूक्रेन ने भी रूस पर हमले बढ़ा दिए हैं। यूक्रेन के हमलों की वजह से रूस में जान-माल का नुकसान हो रहा है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा (Maria Zakharova) ने जानकारी दी कि 15 से 24 जुलाई तक 9 दिन के बीच यूक्रेन के हमलों में रूस के नागरिक इलाकों में 499 नागरिक हताहत हुए। इनमें 86 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 बच्चे शामिल हैं। बाकी लोग घायल हुए। घायलों का नज़दीकी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
रूस पर यूक्रेनी हमलों को ज़खारोवा ने आतंकी हमले बताते हुए 'कीव शासन का आतंक' करार दिया है। यूक्रेन मुख्य रूप से ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे रूस को काफी नुकसान हो रहा है।
यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को निशाना बनाया है। इन हमलों में सिर्फ जान का ही नहीं, बल्कि माल का भी नुकसान हो रहा है। रूस की तरफ से दी गई जानकारी में यूक्रेनी ड्रोन हमलों में बसें, आवासीय इमारतें, गोदाम, तेल सुविधाएं और नागरिक वाहनों पर हमले किए गए। रूस के अनुसार यूक्रेन के हमलों में अस्पताल, स्कूल और सामाजिक सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। इन 9 दिनों में कई इलाकों में आग लगी और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
ज़खारोवा ने बताया कि वेस्टर्न देश हथियारों की सप्लाई के ज़रिए यूक्रेन को मदद पहुंचा रहे हैं। ऐसा करते हुए ये देश बच्चों समेत आम नागरिकों की मौत में भागीदार बन रहे हैं।