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AI सेफ्टी को लेकर बढ़ी चिंता, UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने दी चेतावनी

AI Safety United Nations: यूएन चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने AI के बढ़ते इस्तेमाल और सेफ्टी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा इसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दुनिया इसे बर्दाश्त नहीं कर सकती...
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भारत

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Saurabh Mall

Sep 17, 2026

AI safety

AI को लेकर बढ़ी ग्लोबल चिंता: फोटो में UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस (सोर्स-आईएएनएस)

AI Safety United Nations Antonio Guterres: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। इसकी मदद से पढ़ाई, हेल्थकेयर, रिसर्च और कारोबार में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। लेकिन इसके साथ जोखिमों को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। अब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने AI की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया है।

गुटेरेस ने कहा कि AI के तेज विकास को लेकर उठ रही चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सुरक्षित और जिम्मेदार AI के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया। उनके मुताबिक, AI किसी एक देश तक सीमित नहीं है। इसलिए इसके जोखिमों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करना जरूरी है।

AI में बड़े फायदे, लेकिन जोखिम भी बढ़ रहे

एंटोनियो गुटेरेस ने AI की बढ़ती क्षमता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल सतत विकास को तेज करने में हो सकता है। शिक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। हेल्थ केयर सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी AI मददगार हो सकता है। लेकिन समस्या इसकी तेज रफ्तार है। AI का विकास जोखिमों को समझने की हमारी क्षमता से आगे निकल रहा है।

उन्होंने बताया कि AI इंडस्ट्री में काम करने वाले कुछ लोग भी चिंता जता रहे हैं। कुछ लोग विकास की रफ्तार कम करने की बात कर रहे हैं। वहीं, कई लोग मजबूत सुरक्षा उपाय चाहते हैं। गुटेरेस ने साफ कहा कि इन चिंताओं को गंभीरता से लेना होगा।

सिर्फ देश नहीं, पूरी दुनिया को साथ आना होगा

UN चीफ के मुताबिक, AI के जोखिम सीमाओं तक सीमित नहीं रहते। ऐसे में केवल किसी एक देश के नियम पर्याप्त नहीं होंगे। सरकारों को अपने नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाना जरूरी है। लेकिन इसके साथ वैश्विक तालमेल भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह तय करने के लिए भी एक कॉमन फ्रेमवर्क होना चाहिए कि कब किसी AI सिस्टम को अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की जरूरत है। AI को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए देशों को मिलकर काम करना होगा।

AI पॉलिसी में वैज्ञानिक सबूतों पर जोर

गुटेरेस ने AI से जुड़े फैसलों में वैज्ञानिक विशेषज्ञता की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि UN ने AI पर एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल के जरिए दुनिया के विशेषज्ञों को साथ लाने की कोशिश की है। इसका उद्देश्य AI से जुड़ी नीतियों को वैज्ञानिक सबूतों से जोड़ना है।

AI की रफ्तार को लेकर टेक इंडस्ट्री में भी बहस जारी है। कुछ प्रमुख टेक विशेषज्ञों ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर बात की है। इसी बीच UN की ओर से भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग सामने आई है।

गुटेरेस ने कहा कि दुनिया को AI के फायदे हासिल करने के साथ इसके संभावित जोखिमों को भी गंभीरता से समझना होगा। उनका संदेश साफ है। AI का विकास हो, लेकिन सुरक्षा, जवाबदेही और इंसानी गरिमा को केंद्र में रखकर।