
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो सोर्स- ANI)
Iran US Talks: पूर्व ईरानी राजनयिक अब्बास खमेयार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान अमेरिका से सीधी बातचीत करने की कोशिश में जुटा है। अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में खमेयार ने साफ कहा कि हाल के हफ्तों में पुरानी व्यवस्था के अलावा बातचीत को लेकर कोई भी नया या अलग प्रयास नहीं किया गया है।
पूर्व राजनयिक ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने ट्वीट्स और सार्वजनिक बयानों से एक झूठा माहौल बना रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि ईरानी अधिकारी फोन कर रहे हैं, गिड़गिड़ा रहे हैं और बैठक की भीख मांग रहे हैं। हालांकि, सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि इस अमेरिकी नैरेटिव पर कोई भी विश्वास नहीं कर रहा है और न ही मामले इस दिशा में आगे बढ़े हैं।
ईरान की मौजूदा कूटनीतिक गतिविधियों को लेकर खमेयार ने स्पष्ट किया कि तेहरान की पहल सिर्फ पहले से तय ढांचे के तहत ही सीमित है। ईरान का मुख्य मकसद किसी नई बातचीत की शुरुआत करना नहीं, बल्कि पहले से मौजूद 'समझौता ज्ञापन' (MoU) को सही तरीके से लागू करवाना सुनिश्चित करना है।
किसी भी संभावित समझौते को लेकर तेहरान के रुख पर बात करते हुए खमेयार ने कहा कि ईरान कोई भी कदम उठाने से पहले अंतरराष्ट्रीय गारंटी की मांग कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा मध्यस्थों की भूमिका पर भी संदेह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि कतर, ओमान या पाकिस्तान में से कोई भी मध्यस्थ देश ईरान को ऐसी ठोस गारंटी देने की स्थिति में नहीं है।
अब्बास खमेयार के अनुसार, ट्रंप के इन बयानों का मकसद अंतरराष्ट्रीय से ज्यादा अमेरिका की घरेलू राजनीति से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के ये बयान और ट्वीट्स केवल अमेरिकी ऊर्जा बाजार को नियंत्रित रखने और वहां के मतदाताओं को लुभाने के लिए दिए जा रहे हैं, ताकि वे राजनीतिक रूप से इसका फायदा उठा सकें।
Updated on:
17 Sept 2026 01:59 pm
Published on:
17 Sept 2026 01:52 pm
