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अरब सागर में बढ़ा समुद्री तनाव, भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी जहाज, भारत ने पाक राजनयिक को किया तलब

Pakistan Navy: उत्तर अरब सागर में पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज भारतीय युद्धपोत से टकराया। 1991 समझौते का उल्लंघन होने पर भारत ने पाक राजनयिक को विदेश मंत्रालय तलब कर कड़ी चेतावनी दी। पढ़ें पूरी खबर...
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भारत

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Pratiksha Gupta

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Updated: 16 Sep 2026, 1:43 PM IST

Ministry of External Affairs, Pakistani Charge d Affaires Summoned

अरब सागर में भारत-पाक नौसेना के जहाज टकराए (फोटो सोर्स- IANS)

Indian Navy: उत्तर अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के बीच अचानक तनाव बढ़ गया है। 15 सितंबर की शाम नियमित गश्त पर निकले भारतीय नौसेना के एक प्रमुख फ्रंटलाइन युद्धपोत से पाकिस्तान नौसेना का जहाज टकरा गया। हालांकि इस हादसे में किसी बड़े नुकसान होने की सूचना नहीं है, लेकिन पाकिस्तानी नौसेना की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के तुरंत बाद एक्शन में आए भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में मौजूद पाकिस्तान उच्चायोग के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

कैसे हुई यह टक्कर?

उत्तर अरब सागर में भारतीय नौसेना का युद्धपोत अपने तय सुरक्षा मिशन पर तैनात था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज बहुत तेज रफ्तार से भारतीय युद्धपोत के करीब आ गया। पाकिस्तानी जहाज के चालक ने बेहद लापरवाही और खतरनाक तरीके से जहाज को मोड़ने की कोशिश की। रफ्तार तेज होने की वजह से दोनों जहाजों के बीच की दूरी खत्म हो गई और पाकिस्तानी जहाज सीधे भारतीय युद्धपोत से जा टकराया। फिलहाल सुरक्षा कारणों से दोनों जहाजों के नाम और सटीक स्थान जैसी तकनीकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

नुकसान नहीं हुआ, फिर भी भारत इतना गुस्से में क्यों है?

हादसे में कोई बड़ा नुकसान न होने के बावजूद भारत की इस सख्त नाराजगी के पीछे दोनों देशों के बीच हुआ एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक सैन्य समझौता है। अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान ने समुद्र में हादसों और सैन्य गलतफहमियों को टालने के लिए एक द्विपक्षीय समझौता किया था। इस समझौते का आर्टिकल 10 स्पष्ट तौर पर यह अनिवार्य बनाता है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को एक-दूसरे से कम से कम 3 नॉटिकल मील (लगभग 5.56 किलोमीटर) की सुरक्षित दूरी बनाए रखनी होगी। पाकिस्तानी जहाज ने इस तय दूरी का उल्लंघन करके द्विपक्षीय व्यवस्था को सीधे तौर पर तोड़ा है।

विदेश मंत्रालय की चेतावनी और इस्लामाबाद को निर्देश

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी कार्यवाहक राजदूत को स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों का यह रवैया पूरी तरह से अस्वीकार्य है। भारत ने पाकिस्तान को कहा है कि वह अपने नौसैनिकों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और 1991 के द्विपक्षीय समझौते का पूरी निष्ठा से पालन करने का निर्देश दे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना फिर न हो। इसके साथ ही इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष इस कार्रवाई के खिलाफ आधिकारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराएं।

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