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यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में नॉर्थ कोरिया से 30,000 सैनिक चाहता है रूस, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की ने किया दावा

Russia-Ukraine War: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की ने बड़ा दावा किया है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में साथ देने के लिए रूस नॉर्थ कोरिया से 30,000 सैनिक चाहता है।
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Jul 26, 2026
North Korean soldiers
नॉर्थ कोरियाई सैनिक (File Photo)

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 4 साल से ज़्यादा समय हो चुका है। 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था और तभी से यह युद्ध जारी है। युद्ध की शुरुआत में लगा था कि रूसी सेना कुछ दिन में ही जीत हासिल कर लेगी, लेकिन लगातार मिले इंटरनेशनल सपोर्ट की वजह से यूक्रेनी सेना अभी भी रूसी सेना के सामने डटी हुई है। रूसी सेना शुरू से ही यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है, लेकिन अब यूक्रेनी सेना ने भी रूस पर हमले बढ़ा दिए हैं, जिससे रूस को भी काफी नुकसान हो रहा है। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) ने एक बड़ा दावा किया है।

नॉर्थ कोरिया से 30,000 सैनिक चाहता है रूस

युद्ध में रूस द्वारा 30,000 नॉर्थ कोरियाई सैनिकों की रूसी सेना के साथ तैनाती को ज़ेलेन्स्की यूक्रेन के लिए खतरा मानते हैं। इसके साथ ही नॉर्थ कोरिया में इसको फायदा है क्योंकि रूस के साथ यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने से कोरियाई सैनिक युद्ध लड़ना सीख सकेंगे, अपने हथियारों को बेहतर बना सकेंगे और उन्हें इस्तेमाल करने का असली युद्ध-अनुभव हासिल कर सकेंगे, जो उन्हें फिलहाल नहीं है।

यूक्रेन के लिए खतरा

युद्ध में रूस द्वारा 30,000 नॉर्थ कोरियाई सैनिकों की रूसी सेना के साथ तैनाती को ज़ेलेन्स्की यूक्रेन के लिए खतरा मानते हैं। इसके साथ ही नॉर्थ कोरिया में इसको फायदा है क्योंकि रूस के साथ यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने से कोरियाई सैनिक युद्ध लड़ना सीख सकेंगे, अपने हथियारों को बेहतर बना सकेंगे और उन्हें इस्तेमाल करने का असली युद्ध-अनुभव हासिल कर सकेंगे, जो उन्हें फिलहाल नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दिए कि नॉर्थ कोरिया पहले भी अपने हज़ारों सैनिकों को रूस की मदद के लिए भेज चुका है, जहाँ पहले उन्हें ट्रेनिंग दी गई थी और फिर युद्ध के मैदान में भेज दिया गया था। दोनों देशों के बीच काफी अच्छे संबंध हैं।

एशियाई देशों को भी खतरा

ज़ेलेन्स्की ने यह भी चेताया है कि रूस के साथ नॉर्थ कोरिया के सैनिकों का जंग में शामिल होना एशियाई देशों के लिए भी खतरे की घंटी बजने जैसा है। ऐसे में जो देश नॉर्थ कोरिया की मिसाइलों की रेंज में हैं, उन देशों को अब खास ध्यान रक्षा पड़ेगा।

Updated on:
26 Jul 2026 03:20 am
Published on:
26 Jul 2026 03:20 am