
भारत (India) के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) इस समय यूक्रेन (Ukraine) दौरे पर हैं। यह पहला मौका है जब किसी भी भारतीय विदेश मंत्री ने यूक्रेन का दौरा किया है। जयशंकर इस दौरे के दौरान यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे जहाँ यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्र्री सिबिहा (Andrii Sybiha) ने उनका स्वागत किया। आज यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) ने भी जयशंकर से मुलाकात की और दोनों के बीच द्विपक्षीय मीटिंग भी हुई। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
ज़ेलेन्स्की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए जयशंकर से मुलाकात के बारे में लिखा, "मैंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाक़ात की। हमने अहम मुद्दों पर चर्चा की। हम रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस अन्यायपूर्ण युद्ध को खत्म करने की भारत की प्रतिबद्धता के लिए आभारी हैं। यह निश्चित रूप से युद्ध का समय नहीं है। शांति की ज़रूरत है। भारत का इस विषय में रुख बिल्कुल साफ है।"
ज़ेलेन्स्की ने आगे लिखा, "आज जब विदेश मंत्री जयशंकर हमारे साथ कीव में थे, तब रूस ने एक बार फिर जेट-पावर्ड शाहेद ड्रोन से हमला किया, जिन्हें ईरान की मदद से बनाया गया था। हमारी कॉम्बैट एविएशन की वजह से भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा, क्योंकि ज़्यादातर ड्रोन को यूक्रेनी फ़ाइटर जेट ही मार गिराते हैं। हमें उम्मीद है कि दुनिया की दूसरी बड़ी ताकतें भी साफ़ रुख़ अपनाएँगी कि यह युद्ध खत्म होना चाहिए और एक भरोसेमंद शांति कायम होनी चाहिए।"
ज़ेलेन्स्की ने आगे लिखा, "बेशक हमने काला सागर में हालात पर भी चर्चा की, जिसमें आम लोगों के जहाजों के लिए मौजूदा खतरे भी शामिल हैं। हम इस बात से सहमत हैं कि उन इलाकों में खाने-पीने की चीज़ों की सप्लाई रोकना बिल्कुल भी मंजूर नहीं है जहाँ यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है और जहाँ लोग इन समुद्री रास्तों पर निर्भर हैं। हमारे बंदरगाहों, हमारे फ़ूड कॉरिडोर और हमारी सप्लाई को रोकने की रूस की कोशिशों से वैश्विक संबंधों में बड़ी रुकावट आ रही है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।"