
Ukraine Rafale Deal: यूक्रेन ने अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने घोषणा की हैकि यूक्रेन को स्कैल्प क्रूज मिसाइल, एएएसएम गाइडेड बम और एस्टर-30 मिसाइल बनाने का लाइसेंस मिलेगा। उन्होंने बताया कि यूक्रेन दुनिया का पहला देश होगा जिसे नई पीढ़ी की सैम/टी एनजी वायु रक्षा प्रणाली मिलेगी। फ्रांस इस साल के अंत तक यूक्रेन को सैम/टी की दो अतिरिक्त बैटरियां भी देगा। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन 16 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा। इन विमानों के लिए पायलटों और तकनीकी कर्मचारियों का प्रशिक्षण इसी साल फ्रांस में शुरू होगा। इसके बाद पहले चार राफेल लड़ाकू विमान यूक्रेन की वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे।
पेरिस के पास एक हवाई अड्डे पर अपने फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रोन के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कदम को ऐतिहासिक बताया। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि 100 राफेल विमानों की योजना बना रहे हैं, और यूक्रेनी सेना के पुनरुत्थान के लिए यह बेहद आवश्यक है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मेक्रों ने कहा कि वह यूक्रेन को आगे आने वाली किसी भी स्थिति के लिए तैयार करने में मदद करना चाहते हैं। इन लड़ाकू विमानों को यूक्रेन के आसमान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यूक्रेन अभी अपने सीमावर्ती कस्बों और शहरों पर लंबी दूरी के हवाई हमलों को रोकने में लगभग शक्तिहीन है।
यूक्रेन के रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी सेना हर महीने 6,000 ग्लाइड बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 200 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली फ्रांसीसी वायु-से-वायु प्रणाली का होना यूक्रेन के लिए महत्वपूण्र होगा, क्योंकि रूस के पास 230 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अपनी प्रणाली है।
हाल के महीनों में रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमलों में तेजी लाई है, ऊर्जा और रेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। हमलों में दर्जनों नागरिक मारे गए हैं, जिन्हें कीव और उसके पश्चिमी सहयोगी युद्ध अपराध बताते हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी शहर बालाक्लिया में हुए रूसी मिसाइल हमले में तीन लोग मारे गए और 15 घायल हो गए।