
ताइवानी नागरिकों की गिरफ्तारी और लापता के बढ़ते मामलों के बाद ताइवान ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी (AI जनरेटेड इमेज)
China-Taiwan Controversy: ताइवान ने अपने नागरिकों को बिना किसी जरूरी कारण वश चीन नहीं जाने की सलाह दी है। सरकार का कहना है कि चीन में ताइवानी नागरिकों के हिरासत में लिए जाने या लापता होने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
'द ताइपे टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की शुरुआत से लेकर इस सप्ताह तक ताइवान सरकार को 385 ऐसे मामलों की जानकारी मिली है, जिनमें ताइवानी नागरिक या तो हिरासत में लिए गए या फिर उनका संपर्क टूट गया। या फिर वो लोग कभी आए ही नहीं। मतलब गायब हो गए।
मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) के उप-मंत्री और प्रवक्ता लियांग वेन-चिएह ने बताया कि सिर्फ पिछले एक सप्ताह में ऐसे 10 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद से चिंता और भी बढ़ गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 में ऐसे 55 मामले, 2025 में 221 मामले दर्ज हुए, जबकि 2026 में अब तक 109 मामले सामने आ चुके हैं।
ताइवान ने आरोप लगाया कि चीन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों का इस्तेमाल कर ताइवानी नागरिकों पर राजनीतिक दबाव बढ़ा रहा है। उसका कहना है कि ताइवान से आने वाले लोगों से पूछताछ की जाती है, उनके मोबाइल फोन की जांच होती है और उनसे काम और पर्सनल संबंधों की जानकारी मांगी जाती है। इसके अलावा यात्रियों पर अधिकारियों के साथ ‘वीचैट’ के जरिए संपर्क बनाए रखने का भी दबाव डाला जाता है।
सरकार का दावा है कि हाल के मामलों से संकेत मिलता है कि चीन पहले लोगों की जानकारी जुटाता है, फिर उनकी राजनीतिक सोच का आकलन करता है और बाद में लंबे समय तक उन पर नजर रखता है। खुफिया जानकारी इकट्ठा करता है। डेटा लेता है।
ताइवान सरकार का कहना है कि 2005 के एंटी-सेसेशन लॉ और ताइवान की स्वतंत्रता के समर्थकों के खिलाफ हालिया दिशा-निर्देशों ने ऐसा कानूनी ढांचा तैयार कर दिया है, जिससे निगरानी, सूचना जुटाने और राजनीतिक जांच की प्रक्रिया और व्यापक हो गई है। इसी वजह से ताइवान सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल बिना जरूरी यात्रा के लिए चीन जाने से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो तो भी पूरी सावधानी बरतें।
Updated on:
14 Jul 2026 06:43 pm
Published on:
14 Jul 2026 06:43 pm
