
Ukraine strikes Russian oil refineries: यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा झटका दिया है। यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी सेना ने अगस्त में रूस की 12 बड़ी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया। इसके अलावा, गैस और केमिकल प्लांट, तेल टर्मिनल और सेना से जुड़ी जगहों पर भी हमले किए गए। इन हमलों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर यूक्रेनी हमलों को वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव का एक कारण बताया।
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अगस्त में रूस के रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर कम से कम 21 हमले दर्ज किए गए। यूक्रेन का दावा है कि रूस के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से एक महीने में हुए हमलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। यूक्रेनी सेना ने रूस की महत्वपूर्ण रिफाइनिंग क्षमताओं को निशाना बनाया, जिसमें किरीशी में KINEF रिफाइनरी जैसी बड़ी सुविधाएं, साथ ही निजनी नोवगोरोड और वोल्गोग्राद में स्थित रिफाइनरियां शामिल हैं। यह भी दावा किया गया है कि कुछ प्लांट को एक से अधिक बार निशाना बनाया गया।
यूक्रेन के अनुसार, हमलों के कारण रूस की तेल रिफाइनिंग की मात्रा घटकर लगभग 3.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गई है। दावा किया जा रहा है कि रूस में दो दशकों से अधिक समय में इतना कम स्तर नहीं देखा गया है। यूक्रेन इन हमलों को अपनी डीप स्ट्राइक रणनीति का हिस्सा बताता है। रूसी क्षेत्र में सैकड़ों किलोमीटर अंदर स्थित ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए लंबी दूरी के सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रूसी रिफाइनरियों पर हमलों का असर ईंधन उत्पादन पर भी पड़ने का दावा किया गया है।अगस्त के पहले तीन हफ्तों के दौरान रूस का गैसोलीन उत्पादन पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 20% कम रहा। इसी अवधि में डीजल उत्पादन सालाना आधार पर 23 फीसदी से ज्यादा घटने का दावा किया गया है। रिफाइनरियों को दोबारा पूरी क्षमता पर लाने में महीनों लग सकते हैं। खासकर प्रतिबंधों के बीच जरूरी उपकरणों और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता मरम्मत की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।
रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेन के लगातार हमलों को लकेर अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन के इन हमलों से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी उथल-पुथल मच सकती है। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया अभी एनर्जी शॉक का सामना कर रही है, जिसका मुख्य कारण यह है कि यूक्रेन रूस की एनर्जी और रिफाइनिंग सुविधाओं को निशाना बना रहा है, जिससे ग्लोबल स्तर पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बन रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता लानी है और कीमतों के दबाव को कम करना है, तो अंतरराष्ट्रीय ताकतों को युद्ध खत्म करने के लिए रूस पर निर्णायक कूटनीतिक दबाव डालना होगा।