
काज़ी वाहिद उल आलम (Photo - ANI)
अमेरिका (United States of America) और बांग्लादेश (Bangladesh) के बीच बोइंग डील (Boeing Deal) के तहत बांग्लादेश ने बोइंग विमान खरीदे हैं। इस विषय पर एक बांग्लादेशी एविएशन एक्सपर्ट काज़ी वाहिद उल आलम (Kazi Wahid ul Alam) ने प्रतिक्रिया जाहिर की है। आलम ने कहा कि इस डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक सेल्समैन की तरह काम कर रहे थे।
आलम ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, "हर देश या राष्ट्राध्यक्ष एक सेल्समैन होता है। मेरा मतलब है अगर आप दुनिया के दूसरे देशों को देखें, तो हर राष्ट्राध्यक्ष या सरकार जब किसी दूसरे देश का दौरा करती है या अपने समकक्षों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करती है, तो वो हमेशा अपने उत्पाद बेचने की कोशिश करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी इससे अलग नहीं हैं। वह निश्चित रूप से दूसरे देशों को अपने उत्पाद बेचने की कोशिश करेंगे।"
आलम ने आगे कहा, "चूंकि बांग्लादेश एविएशन के लिए एक बढ़ता हुआ बाजार है, इसलिए मुझे लगता है कि ट्रंप इस बांग्लादेशी बाजार को और ज़्यादा बोइंग विमानों के लिए तैयार मानते हैं। इसीलिए वह बांग्लादेश को बोइंग विमान बेचने की वकालत कर रहे हैं। सिर्फ बोइंग विमान ही नहीं, बल्कि वह बांग्लादेश को अन्य उत्पाद, जैसे गेहूं और अन्य चीज़ें भी बेचने की वकालत कर रहे हैं। इसलिए मैं इसे सकारात्मक रूप से देखता हूं।"
आलम सरकारी विमानन कंपनी बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के पूर्व निदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने इस डील के बारे में कहा, "यह बांग्लादेश सरकार का फैसला है कि वो इसे कैसे लेगी। जैसा कि हम जानते हैं, दुनिया के हर देश पर दुनिया के बड़े देशों, महाशक्तियों का दबाव होता है। बड़े देशों की ओर से हमेशा विभिन्न प्रकार के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दबाव होते हैं। लेकिन कूटनीतिक चैनल का पालन किया जाना चाहिए। देश के हितों को ध्यान में रखते हुए हम कितना दबाव झेल सकते हैं, इस पर कूटनीतिक चैनल के माध्यम से बातचीत की जानी चाहिए।"
बांग्लादेश ने ढाका, चट्टोग्राम और सिलहट हवाई अड्डों के बाद कॉक्स बाज़ार एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के रूप में अपग्रेड करने का फैसला किया है। ऐसे में अमेरिका से नए बोइंग विमान खरीदने के सरकार के फैसले का यात्री स्वागत कर रहे हैं।
Updated on:
02 Sept 2026 06:45 pm
Published on:
02 Sept 2026 06:45 pm
