
Nepal Flood Death (Photo-ANI)
Nepal Flood News : काठमांडू। नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के एक सप्ताह बाद भी हालात बेहद हृदयविदारक बने हुए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1,127 तक पहुंच गया है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। शवों की इतनी बड़ी संख्या के कारण मुर्दाघर पूरी तरह भर चुके हैं। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि पहचान न हो पाने के कारण अधिकारियों को सामूहिक दाह-संस्कार और शवों को दफनाने का सहारा लेना पड़ रहा है। अनेक पीड़ित परिवारों ने सनातन परंपरा के अनुसार 'कुश' (पवित्र घास) का पुतला बनाकर अपने लापता और मृत परिजनों का अंतिम संस्कार किया।
एएनआई के मुताबिक, काठमांडू और आसपास के इलाकों में शवों को रखने की जगह न बचने के कारण 'लावारिस एवं अज्ञात शव प्रबंधन दिशानिर्देश 2021' के तहत कार्रवाई की जा रही है। काठमांडू के बाहरी इलाके गोकर्ण के जंगलों में सुरक्षा बल पीपीई किट पहनकर बारिश और कीचड़ के बीच शवों को सामूहिक रूप से दफना रहे हैं। बाद में पहचान स्थापित होने पर शव परिजनों को सौंपने के लिए हर बॉडी बैग पर विशेष टैग और मार्कर लगाए गए हैं।
शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया को तेज करने के लिए भारत सरकार ने 19 सदस्यीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम नेपाल भेजी है। भारतीय दूतावास के अनुसार, यह टीम नेपाल पुलिस की केंद्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला और खुमलटार स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। दफनाए गए और लावारिस पड़े शवों का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है, ताकि परिजनों के डीएनए से उनका मिलान किया जा सके। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक बरामद 1,068 से अधिक शवों में से करीब 400 शव बेहद क्षत-विक्षत स्थिति में मिले हैं, जिससे पहचान करना बेहद कठिन हो गया है।
नेपाल के मुर्दाघरों में देश भर में केवल 350 शवों को सुरक्षित रखने की क्षमता है, लेकिन भोटेकोशी नदी के तेज बहाव में बहकर आए शवों के कारण अकेले चितवन जिले में ही 348 शव मिल चुके हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190, नुवाकोट से 155, गोरखा से 66, धादिंग से 59, रसुवा से 45 और तनहुं से 38 शव बरामद किए जा चुके हैं।
Updated on:
02 Sept 2026 06:20 pm
Published on:
02 Sept 2026 06:20 pm
