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‘अमेरिका बिजनेस के लिए खुला है’, भारतीय कंपनियों को US में निवेश का न्योता, ACMA कार्यक्रम में बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

India US Trade: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ACMA कार्यक्रम में भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश का न्योता दिया हैं। जानें 24 अरब डॉलर निवेश और ट्रेड पर क्या कहा है?
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भारत

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Rahul Yadav

Sep 02, 2026

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (फोटो - @USAmbIndia/एक्स)

US Ambassador Sergio Gor: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश बढ़ाने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार कारोबार के लिए खुला है और भारतीय कंपनियों के लिए वहां निवेश और अपने कारोबार का विस्तार करने के बड़े अवसर हैं। गोर ने यह बात ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के 66वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कही है।

सर्जियो गोर ने भारतीय ऑटो उद्योग की अमेरिका के लिए बढ़ती अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग अब सिर्फ ऑटो कंपोनेंट्स के कारोबार तक सीमित नहीं है। दोनों देश टेक्नोलॉजी, निवेश और मिलकर नए उत्पाद विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।

भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश का न्योता

अमेरिकी राजदूत ने भारतीय कंपनियों से अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क स्थापित करने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका को भारतीय कंपनियों के वैश्विक विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण लॉन्चपैड बताया। गोर ने कहा कि भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका सिर्फ अपने ऑटो पार्ट्स बेचने का बाजार नहीं है। वहां निवेश करके कंपनियां अपने वैश्विक कारोबार का विस्तार कर सकती हैं।

गोर ने ACMA के नेतृत्व और सदस्य कंपनियों को अगले सेलेक्टयूएसए इन्वेस्टमेंट समिट में शामिल होने का भी व्यक्तिगत तौर पर न्योता दिया है। यह सम्मेलन मई में वॉशिंगटन डीसी के बाहर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर साल दुनियाभर में अमेरिकी दूतावास अमेरिका में फंडिंग और नए निवेश लाने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास इस मामले में पहले स्थान पर रहा और उसके जरिए अमेरिका में 24 अरब डॉलर का नया निवेश आया।

भारत-अमेरिका ट्रेड पर भी बोले

सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को ऐसा माहौल बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए, जहां अमेरिकी कंपनियां और उनकी टेक्नोलॉजी भारतीय बाजार तक आसानी से पहुंच सकें। इसके साथ ही भारतीय कंपनियों को भी अमेरिकी बाजार में निष्पक्ष तरीके से प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों के लिए फायदेमंद होने चाहिए।

गोर ने पुणे में अमेरिकी कंपनी जॉन डियर के कारोबार का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जॉन डियर वहां एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के साथ विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी सेंटर भी संचालित करती है।

भारत-अमेरिका ऑटो सेक्टर में बढ़ रहा सहयोग

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि वैश्विक ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार बनता जा रहा है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के उद्योगों को मिलकर सप्लाई चेन में विविधता लाने और किसी भी तरह के व्यवधान के दौरान उत्पादन जारी रखने की क्षमता बढ़ानी चाहिए। आगे बढ़ते हुए कहा अमेरिका अब भारत की औद्योगिक सफलता का सिर्फ ग्राहक नहीं है इसके साथ ही विस्तार और विकास में सक्रिय साझेदार भी है।

भारतीय कंपनियों के अमेरिका में बड़े निवेश

अमेरिकी राजदूत ने भारत की कई कंपनियों के अमेरिका में किए गए निवेश का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत फोर्ज ने नॉर्थ कैरोलिना में अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड प्लांट स्थापित किया है। वहीं, सुंदरम-क्लेयटन दक्षिण कैरोलिना में प्रिसीजन एल्युमिनियम डाई-कास्टिंग का उत्पादन कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि महिंद्रा मिशिगन में रॉक्सर गाड़ियों का निर्माण कर रही है। इन परियोजनाओं के जरिए भारतीय कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों को रोजगार देने के साथ वैश्विक बाजार के लिए उत्पाद तैयार कर रही हैं। गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऑटो सेक्टर में सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में निवेश, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।