
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फोटो - @CMShehbaz/एक्स)
Shehbaz Sharif on Terrorism: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ अपने देश की लड़ाई का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई दशकों में आतंकवाद से मुकाबला करते हुए पाकिस्तान ने 90 हजार से ज्यादा लोगों की जान गंवाई है। इस दौरान देश को 150 अरब डॉलर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद की चुनौती का मजबूती और साहस के साथ सामना किया है। उन्होंने कहा कि इन कुर्बानियों का मकसद सिर्फ पाकिस्तान की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं था। इसके पीछे पूरे क्षेत्र और उसके बाहर एक सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश भी थी।
SCO के सदस्य देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने आतंकवाद को क्षेत्र के सामने मौजूद गंभीर खतरों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में लंबे समय तक संघर्ष किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस लड़ाई में 90 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही आतंकवाद से निपटने के प्रयासों के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 150 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ। शहबाज ने कहा कि ये बलिदान केवल पाकिस्तान के लिए नहीं थे। उनके मुताबिक, पाकिस्तान ने एक सुरक्षित और स्थिर क्षेत्र के लिए भी ये कीमत चुकाई है।
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण और स्थिर अफगानिस्तान चाहता है। हालांकि, उनके मुताबिक अफगानिस्तान की जमीन का पाकिस्तान और दूसरे देशों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होना क्षेत्रीय शांति के रास्ते में बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने SCO के क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचे के तहत आतंकवाद के खिलाफ क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए काम किया है।
शहबाज शरीफ ने कहा कि दक्षिण एशिया अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल तभी कर सकता है, जब क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता हो। उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस दौरान पानी के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पानी को राजनीतिक दबाव बनाने या हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। साझा नदियों और जल संसाधनों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान किया जाना चाहिए। उनका यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर जारी तनाव के बीच आया है।
SCO की अध्यक्षता संभालने के बाद पाकिस्तान की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि उनका देश सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा, गरीबी कम करने, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, संस्कृति और खेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान देगा। उन्होंने SCO के लिए संप्रभु AI इंफ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेंस का ढांचा बनाने का प्रस्ताव भी रखा। इसका उद्देश्य जिम्मेदार और समावेशी तरीके से AI का विकास करना है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी आर्थिक विकास और सामूहिक सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। शहबाज ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को अरब सागर से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। शहबाज शरीफ ने SCO विकास बैंक बनाने और 2035 तक की SCO विकास रणनीति को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की भी वकालत की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने गाजा और वेस्ट बैंक की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने और वहां जारी मानवीय संकट को दूर करने की अपील की।
शहबाज शरीफ ने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक विभाजन, जलवायु संकट और तेजी से बदलती तकनीक जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं। उन्होंने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता दोहराई। SCO का यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में चीन, रूस, भारत, ईरान, पाकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस समेत सदस्य देशों के नेता शामिल हुए।
Updated on:
01 Sept 2026 06:49 pm
Published on:
01 Sept 2026 06:48 pm
