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COSCO के जहाज से दूसरे देशों की जासूसी करा रहा चीन? अमेरिका और एशियाई देश भी निशाने पर, कैसे हुआ खुलासा?

China COSCO ships Spying: अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि चीन की COSCO कंपनी अपने जहाजों पर छिपे एडवांस्ड सिग्नल इंटेलिजेंस उपकरण लगाकर अमेरिका सहित कई देशों के सैन्य संचार की जासूसी कर रही है। हालांकि चीन ने आरोप को खारिज किया है।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 01, 2026

China Cosco Ship

चीन की शिपिंग कंपनी COSCO के जहाज। (फोटो- X/COSCO)

अमेरिकी अधिकारियों ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। चीन की सरकारी शिपिंग कंपनी COSCO अपने जहाजों पर छिपे हुए खास उपकरण लगाकर दूसरे देशों के सैन्य संचार की जानकारी चुरा रही है। इसमें अमेरिका भी शामिल है।

दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर रॉयटर्स को यह जानकारी दी। ये उपकरण आम रेडियो या संचार यंत्र नहीं हैं। अधिकारी बताते हैं कि ये बहुत एडवांस्ड सिग्नल इंटेलिजेंस कलेक्शन सिस्टम हैं।

इनकी मदद से चीन यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया के आसपास जहाजों और विमानों के सैन्य संदेश और एन्क्रिप्शन तकनीक की जानकारी जुटा रहा है। साथ ही महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर नजर भी रखी जा रही है।

चीन ने दावे को किया खारिज

अधिकारियों के मुताबिक COSCO और बीजिंग के बीच दशकों पुरानी साझेदारी है। इससे चीन को क्षेत्रीय विवादों में फायदा मिलता है और विदेशी सैन्य गतिविधियों की पहले से जानकारी भी मिल जाती है। हालांकि, चीन के वाशिंगटन स्थित दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

दूतावास प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि चीनी सरकार कभी किसी कंपनी या व्यक्ति से दूसरे देशों में कानून तोड़कर जानकारी इकट्ठा करने को नहीं कहती। उन्होंने इसे चीन को बदनाम करने वाला बेबुनियाद प्रचार बताया।

COSCO ने अब तक नहीं दिया जवाब

COSCO ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। इससे पहले अमेरिकी नौसेना वार कॉलेज की अप्रैल 2025 की एक रिपोर्ट में भी कहा गया था कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी मछली पकड़ने वाले जहाजों और व्यापारिक बेड़े का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने के लिए कर सकती है। पेंटागन ने जनवरी 2025 में COSCO को चीन की सेना से जुड़ी कंपनियों की सूची में डाला था।

अमेरिकी बंदरगाहों पर रोज जहाज भेजती है COSCO कंपनी

COSCO दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनियों में से एक है। यह अमेरिकी बंदरगाहों पर नियमित रूप से जहाज भेजती है और कुछ टर्मिनलों में संयुक्त बिजनेस भी चलाती है।

ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल चीनी शिपिंग कंपनियों पर भारी पोर्ट फीस लगाने की योजना बनाई थी, जिसमें COSCO भी शामिल था। मकसद अमेरिकी जहाज निर्माण उद्योग को मजबूत करना था। लेकिन अक्टूबर में ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच समझौते के बाद यह योजना रोक दी गई।

नवंबर में खत्म हो रहा समझौता

अब समझौता नवंबर में खत्म हो रहा है। दोनों नेता इस महीने वाशिंगटन में मुलाकात करने वाले हैं। वहां सुरक्षा और व्यापार के कई संवेदनशील मुद्दे चर्चा में रह सकते हैं।

इस बीच, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ आइजक कार्डन ने कहा कि COSCO अमेरिकी व्यापार व्यवस्था में इतना गहराई से जुड़ा है कि इसे पूरी तरह बाहर निकालना बहुत मुश्किल और नुकसानदेह साबित हो सकता है।