
फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर (सोर्स: ANI और आईएएनएस)
IRGC Attacks: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। इससे पहले ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक के एरबिल में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू किए थे। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।
IRGC ने मंगलवार रात अपने आधिकारिक समाचार आउटलेट सिपाह न्यूज (Sepah News) पर जारी एक बयान में कहा कि अमेरिका के खिलाफ उसका जवाब शुरू हो गया है और अब हमला करने वालों को जल्द ही पछताना पड़ेगा। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी प्रांतों में कई जगहों पर हमले किए थे। इन हमलों में कम से कम 5 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। IRGC ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस ने एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराया।
इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान किर्गिस्तान के बिष्केक में थे। यहां उन्होंने कहा था कि कि बातचीत का रास्ता अभी खुला है। ईरान के कई नेताओं ने भी यह संदेश दिया था कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) को फिर से शुरू किया जा सकता है। लेकिन अमेरिका के नए हमलों के बाद कूटनीति की उम्मीदों को एक और झटका लगा है।
IRGC के मुताबिक उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के कैंप टिटिन और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे। IRGC ने दावा किया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए और कई अहम सुविधाओं और लड़ाकू हेलिकॉप्टरों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
जॉर्डन की सेना ने कहा कि मंगलवार शाम ईरान की ओर से उसके हवाई क्षेत्र में 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दाखिल हुईं। जॉर्डन की एयर डिफेंस ने इनमें से 10 मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया। बाकी 3 मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर खुले क्षेत्रों में गिरीं। सेना के मुताबिक इन घटनाओं में किसी की मौत या कोई हताहत नहीं हुआ।
Updated on:
02 Sept 2026 06:28 pm
Published on:
02 Sept 2026 06:28 pm
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