Russia-Ukraine War: लंबे समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में एक जल्द ही यूक्रेन को कुछ ऐसा मिल सकता है जिससे रूस के होश उड़ सकते हैं। क्या? आइए जानते हैं।
24 फरवरी, 2022 को रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के आदेश पर रूस (Russia) की सेना ने यूक्रेन (Ukraine) में घुसपैठ करते हुए जंग छेड़ दी थी। तभी से दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है। हालांकि जिस युद्ध को पुतिन कुछ दिन में ही खत्म कर देना चाहते थे, उस युद्ध को 19 महीने पूरे होने वाले हैं। इस युद्ध की वजह से यूक्रेन को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। साथ ही यूक्रेन के कई शहरों में भारी तबाही मच चुकी है। पर सभी मुश्किलों के बावजूद भी यूक्रेन की सेना इंटरनेशनल सपोर्ट की वजह से डटकर रूस की सेना का सामना कर रही है। पिछले कुछ समय से यूक्रेन रूस के खिलाफ काउंटरऑफेंस भी कर रहा है और पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेन के काउंटरऑफेंस की वजह से रूस की सेना को यूक्रेन के कई इलाकों से खदेड़ा जा चुका है। पर जल्द ही इस युद्ध में यूक्रेन को कुछ ऐसा मिल सकता है जिससे रूस के होश उड़ सकते हैं।
यूक्रेन को जल्द मिलेंगे M1 Abrams टैंक
अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को जल्द ही एक और बड़ी मदद मिलने वाली है। अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन ने हाल ही में जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन की सेना को जल्द ही अमेरिका की तरफ से M1 Abrams टैंक दिए जाएंगे। ऑस्टिन ने कहा कि यूक्रेनी सेना को इन टैंक से काफी मदद मिलेगी और इनसे उनका काउंटरऑफेंस और भी मज़बूत होगा।
क्या है M1 Abrams टैंक में खास?
M1 Abrams टैंक की गिनती दुनिया के सबसे मज़बूत और खतरनाक टैंक्स में होती है। अमेरिका के M1 Abrams टैंक को युद्ध में बहुत की उपयोगी माना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार आज तक कोई भी M1 Abrams टैंक दुश्मन के हमले में तबाह नहीं हुआ है। आज तक जो 9 M1 Abrams टैंक्स तबाह हुए हैं वो दुश्मन के हमले में तबाह नहीं हुए। एक टैंक में 4 लोग बैठ सकते हैं। इस टैंक की बॉडी काफी मज़बूत होती है जिससे दुश्मन के हमलों का आसानी से सामना किया जा सकता है। साथ ही यह टैंक खतरनाक बम और मिसाइलों से लैस होता है और इसका टार्गेटिंग सिस्टम भी काफी एडवांस होता है जिससे दुश्मन को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। इस टैंक की स्पीड 68 किलोमीटर प्रति घंटा होती है जिससे युद्ध के मैदान पर M1 Abrams कभी भी धीमा नहीं पड़ता। अमेरिकी सेना में इस टैंक को सबसे खतरनाक हथियारों में से एक माना जाता है।