
US Iran conflict: होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल जहाज पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन केंद्रों के साथ तटीय रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इसे बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की वापसी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल जहाज पर किए गए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई। CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों तथा तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का कहना है कि कमर्शियल जहाजों पर हमला युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहाज पर हुए ड्रोन हमले को युद्धविराम समझौते का 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन' बताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार आत्मघाती ड्रोन दागे, जिनमें से एक ड्रोन एक बड़े मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया। ट्रंप के अनुसार, जहाज को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन वह अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने तीन अन्य ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया।
वॉशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि लंबे समय तक चले अमेरिकी अभियान के बावजूद ईरान के पास अब भी कुछ सैन्य क्षमता बची हुई है।उन्होंने कहा कि ईरान जीत की स्थिति में नहीं है, लेकिन उसके पास अभी भी हमला करने की क्षमता है। ट्रंप ने कहा कि जहाज पर हुए हमले की किसी को उम्मीद नहीं थी और इससे जहाज को नुकसान पहुंचा।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया कि ईरान ने एक जहाज को निशाना बनाया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका आगे और क्या कदम उठाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को इसके परिणाम भुगतने होंगे, तो उन्होंने केवल इतना कहा, "आपको पता चल जाएगा।" इसके बाद उन्होंने बातचीत समाप्त कर दी।