
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच भले ही हमले रुके हुए हैं, लेकिन तनाव पहले की ही तरह बना हुआ है। सीज़फायर खत्म होने के बाद से अभी तक दोनों देशों के बीच शांति समझौते को फिर से लागू करने पर सहमति नहीं बन पाई है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी दोनों देशों के बीच विवाद बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में ईरान के नए सीज़फायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद एक बार फिर ईरान पर बमबारी की जाने की संभावना है। इसी बीच अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने अमेरिका और इज़रायल पर बड़ा आरोप लगाया है।
ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने अमेरिका और इज़रायल पर आरोप लगाया है कि ये दोनों देश मुस्लिम देशों को एक-दूसरे के खिलाफ करने का काम कर रहे हैं। ईरानी राष्ट्रपति ने एक इंटरव्यू के दौरान यह बात कही।
पेज़ेशकियान का कहना है कि अमेरिका और इज़रायल मिडिल ईस्ट (Middle East) की दौलत पर कब्ज़ा करने के लिए मुस्लिम देशों को एक-दूसरे के खिलाफ कर रहे हैं। उनका मानना है कि ये दोनों देश मिडिल ईस्ट की बेशुमार दौलत को अपने कब्ज़े में करना चाहते हैं जिससे उसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर सके। ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमलों के लिए मिडिल ईस्ट में मुस्लिम देशों के एयरबेस और एयरस्पेस का इस्तेमाल किया और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला।
पेज़ेशकियान ने आरोप लगाते हुए कहा कि दुश्मन ने ईरानी अधिकारियों के बीच अंदरूनी झगड़े पैदा करने की कोशिश भी की, जिससे उसका फायदा उठाया जा सके और ईरान के खिलाफ युद्ध में इसका इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि ऐसा हुआ नहीं और दुश्मन का यह प्लान नाकाम हो गया। ईरानी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि ईरान में अभूतपूर्व एकता और एकजुटता है और दुश्मन इसे कुछ भी करके तोड़ नहीं सकता।