
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) में चल रहे तनाव बरकरार के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर कंट्रोल को लेकर भी दोनों देश अलग-अलग बात कर रहे हैं। ईरान का इस मामले पर पक्ष साफ है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर हमेशा ही उसका कंट्रोल रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा। वहीँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस पर अमेरिका का कंट्रोल बताते हुए इसे 'ट्रंप स्ट्रेट' (Strait of Trump) बताने से भी पीछे नहीं हटते। इसी बीच आज ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी (Habibollah Sayyari) ने बयान दिया कि दुश्मन की बयानबाजी का कोई मतलब नहीं है और होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह से ईरान का कंट्रोल है। सय्यारी ने कहा कि आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) की नेवी का होर्मुज स्ट्रेट पर प्रभावी रूप से कंट्रोल है। अब इस पर अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
अमेरिकी सेना ने सय्यारी के इस दावे को झूठा बताया है। अमेरिकी सेना की सेन्ट्रल कमांड CENTCOM ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए इस बारे में बताया।
"दावा: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक सीनियर कमांडर ने आज कहा कि ईरान की नेवी का होर्मुज स्ट्रेट पर पूरा कंट्रोल है। यह बात गलत है।"
"सच: ईरान के पास कोई नेवी नहीं है क्योंकि अमेरिकी सेना ने उसे डुबो दिया था और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल नहीं है, जैसा कि इस बात से साबित होता है कि पिछले कुछ महीनों में हज़ारों जहाज और 1 बिलियन बैरल से ज़्यादा तेल वहाँ से बिना किसी रोक-टोक के गुज़रे हैं।"
सय्यारी ने आज होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के कंट्रोल के बारे में बात करते हुए कहा, "दुश्मन की बयानबाजी का कोई मतलब नहीं है। सच तो यह है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर हमारा पूरा कंट्रोल है। हम ओमान सागर के उत्तर और होर्मुज स्ट्रेट के पूर्व में मज़बूती से कार्रवाई करते हैं और किसी को भी वहाँ से गुज़रने नहीं देते। होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में जो होर्मुज स्ट्रेट का ही क्षेत्र है और फारस की खाड़ी पर आईआरजीसी की नेवी का प्रभावी रूप से कंट्रोल है। होर्मुज स्ट्रेट के पूर्व और हिंद महासागर के उत्तर में हमारी नेवी का पूरा कंट्रोल है।"