
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच जल्द ही डील हो सकती है। दोनों देशों की तरफ से इस बात की पुष्टि भी कर दी गई है। यह डील स्विट्रज़रलैंड (Switzerland) के जिनेवा (Geneva) में होने की संभावना है। इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने का ऐलान करते हुए सभी हमलों पर रोक लगा दी है। इसी बीच अमेरिकी सेना ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में ईरानी हमले को नाकाम कर दिया है।
अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने जानकारी दी कि उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर दागे गए ईरानी आत्मघाती ड्रोन्स को मार गिराया है। CENTCOM के अनुसार ईरान की सेना ने जहाजों पर कई ड्रोन्स दागे, लेकिन अमेरिकी सेना ने इस हमले को नाकाम कर दिया।
CENTCOM ने अपनी पोस्ट में फिर से होर्मुज स्ट्रेट के सभी जहाजों की आवाजाही के लिए खुला होने का ऐलान किया है। हालांकि ईरान की तरफ से साफ किया जा चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और जब तक दोनों देशों के बीच डील नहीं हो जाती, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद ही रहेगा। ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमांड ने पिछले कुछ दिन में हुए अमेरिकी हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया। इसके साथ ही यह चेतावनी भी दी कि इस रणनीतिक जलमार्ग को सभी प्रकार के जहाजों जिनमें तेल टैंकर और वाणिज्यिक पोत भी शामिल हैं, के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अगर कोई भी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने की कोशिश करेगा तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
ट्रंप के अनुसार जब तक ईरान और अमेरिका के बीच डील नहीं होती, तब तक होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी भी नहीं हटेगी। डील होने के बाद अमेरिकी नेवी होर्मुज स्ट्रेट को छोड़कर देश लौट जाएगी और साथ ही नाकेबंदी भी खत्म हो जाएगी। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट फिर से पहले की तरह सामान्य तौर पर खुल जाएगा। हालांकि ईरान की तरफ से जहाजों की आवाजाही के लिए नए नियम बनाए जाने की संभावना है।