
ईरान को आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए अमरीका की ओर से जारी ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट में अब यूरोपियन यूनियन के देश भी शामिल हो गए हैं। ईरान के तेल और वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए यूरोपीय संघ भी दबाव बढ़ाएगा। अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने यह दावा किया है कि यूरोपियन संघ ने ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट में आधिकारिक रूप से शामिल होने की इच्छा जताई है। अमेरिका ने उसके इस रूख का स्वागत किया है। हालांकि यूरोपीय संघ ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के साथ ही मुद्दे के कूटनीतिक समाधान और तनाव कम करने पर भी जोर दिया है।
ईयू ने कहा है कि कूटनीतिक प्रयास जारी रहना जरूरी है, ताकि शांति समझौता हो सके और पश्चिम एशिया में स्थिरता वापस आए। ईयू ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। ईयू ने कहा कि वह अमरीका, जी-7 और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखेगा।
अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच द.कोरिया ने होर्मुज में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन का समर्थन करते हुए कहा है कि वह सैन्य संसाधनों की तैनाती की तैयारी रहा है। द.कोरियाई सरकार की समीक्षा के बाद इसे लेकर कदम उठाया जा सकता है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को हम युद्ध नहीं कहेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी गोली थोड़ी चल रही है, मैं मानता हूं कि कुछ जगहों पर स्थिति फिर से बिगड़ी है। लेकिन बड़े स्तर की सैन्य लड़ाई केवल छह सप्ताह तक ही चली थी। वहीं ईरान में हाल में एक शादी समारोह पर अमरीकी बमबारी के बाबत पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इसकी जांच करा रहे हैं।
वेंस ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए कई अतिरिक्त साधन हैं। इनमें से कुछ का इस्तेमाल राष्ट्रपति करेंगे और कुछ का नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव, सैन्य दबाव, कूटनीतिक दबाव और गुप्त दबाव, सभी विकल्प खुले हैं।