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फिर बढ़ा तनाव: US फाइटर जेट F-35C ने मार गिराया ईरानी ड्रोन, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी धमकी

US-Iran Tensions: अरब सागर में US फाइटर जेट F-35C ने ईरानी ड्रोन को पलक झपकते ढेर कर दिया। US मिलिट्री के एक प्रवक्ता ने कहा है कि… पढ़े पूरी खबर।

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Feb 04, 2026
US ने Self-Defense में गिराया ईरानी ड्रोन (इमेज सोर्स: जेट्टी और गूगल)

US-Iran Tensions Update: अरब सागर में मंगलवार को तनाव अचानक बढ़ गया, जब एक ईरानी ड्रोन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के बेहद करीब पहुंच गया। US फाइटर जेट F-35C ने ड्रोन को ‘अस्पष्ट और संभावित रूप से खतरनाक इरादों’ के चलते पलक झपकते ही मार गिराया।

‘सेंटकम ’ के मुताबिक, ड्रोन… US Carrier की दिशा में आक्रामक तरीके से बढ़ रहा था, जिसके बाद तुरंत एक्शन लेना जरूरी हो गया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन इस टकराव ने हालात को फिर गर्मा दिया है।

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US सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने दी जानकारी

US मिलिट्री का कहना है कि यह हमला पूरी तरह सेल्फ-डिफेंस में किया गया, ताकि एयरक्राफ्ट कैरियर और उस पर मौजूद जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह ड्रोन मुकाबला दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालात की एक नई कड़ी माना जा रहा है, जो आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक असर डाल सकता है।

US सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि USS अब्राहम लिंकन वॉरशिप से उड़ान भरने वाले एक F-35C स्टील्थ फाइटर जेट ने एयरक्राफ्ट कैरियर और उसके लोगों की रक्षा के लिए सेल्फ-डिफेंस में ड्रोन को मार गिराया। जब ड्रोन ‘अस्पष्ट इरादे’ के साथ उसके पास आया, तब जहाज ईरानी तट से लगभग 500 मील दूर था। किसी भी US इक्विपमेंट को नुकसान नहीं हुआ और किसी भी सर्विस मेंबर को कोई नुकसान नहीं हुआ।

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी धमकी

बता दें US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए किसी समझौते पर राजी नहीं होता, तो अमेरिका मिलिट्री एक्शन भी ले सकता है। इससे पहले उन्होंने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई हिंसा में दखल देने की संभावना भी जताई थी।

ईरानी ड्रोन गिराए जाने के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि US और ईरान के बीच बातचीत इस हफ्ते के आखिर में भी तय है।

उन्होंने कहा कि ट्रंप हमेशा कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर ‘सैन्य बल का इस्तेमाल भी एक विकल्प है।’ इधर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि देश पर हमला किया गया तो वह पूरे क्षेत्र को युद्ध में धकेल सकता है।

ईरान की ड्रोन घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं

उधर, लेविट ने बताया कि US के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जो ट्रंप के सबसे वरिष्ठ विदेशी प्रतिनिधि हैं, व्हाइट हाउस की ओर से बातचीत में शामिल होंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वे शुक्रवार को इस्तांबुल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से मिलने वाले थे, लेकिन बाद में खबर आई कि ईरान चाहता है कि यह बैठक ओमान में हो।

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