JD Vance statement on Iran: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीजफायर का फोकस सिर्फ ईरान और अमेरिका के सहयोगी इजरायल और खाड़ी अरब देशों पर था, लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था।
US Iran Ceasefire 2026: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ है। इसके बाद दोनों ओर से बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेसी वेंस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने ईरान को लेबनान को लेकर चेतावनी जारी की है। उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि ईरान के वार्ताकारों को यह गलतफहमी हो गई थी कि इस युद्धविराम में लेबनान भी शामिल है, जबकि अमेरिका ने ऐसी कोई सहमति नहीं दी थी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि सीजफायर का फोकस सिर्फ ईरान और अमेरिका के सहयोगी इजरायल और खाड़ी अरब देशों पर था, लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था।
इसी बीच इजरायल ने लेबनान में बड़े हमले किए, जिन्हें पिछले एक महीने में सबसे घातक बताया जा रहा है। इन हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। वहीं ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे और इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया।
बता दें कि व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे वार्ता का दौर जारी रहेगा। प्रेस सेक्रेटरी प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, जेडी वेंस इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी मौजूद रहेंगे।
इस यात्रा से पहले वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जितने मुद्दों पर मतभेद हैं, उससे कहीं ज्यादा बातों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सीजफायर हमेशा थोड़ा अस्थिर होता है, लेकिन इसका मतलब है कि कई अहम मुद्दों पर सहमति बन रही है।
वेंस ने ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कालिबाफ की बातों का बातचीत के संदर्भ में कोई मतलब नहीं बनता और उनकी समझ पर भी तंज कसा।
ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से 10 सूत्रीय शांति योजना पेश की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे काम करने लायक आधार माना और दो हफ्ते का सीजफायर घोषित किया। ईरान इसे अपनी रणनीतिक जीत बता रहा है, जबकि अमेरिका इसे बातचीत का आधार मानकर अस्थायी विराम पर सहमत हुआ।