9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

US Iran Ceasefire: क्या दो हफ्ते से पहले टूट जाएगा ईरान-अमेरिका का सीजफायर? जानें अब तक क्या आया सामने

Strait of Hormuz Tension: होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने फिर से इस रास्ते को बंद करने की खबरें सामने आई हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Apr 09, 2026

US Iran War Ceasefire

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का हुआ सीजफायर

US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से ज्यादा चले युद्ध के बाद हुए दो हफ्ते के सीजफायर पर अब संटट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल, पाकिस्तान की मध्यस्ता में दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ। वहीं समझौते के करीब 12 घंटे के भीतर ही एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव दोबारा बढ़ गया है और बात सीजफायर तोड़ने तक पहुंच चुकी है।

होर्मुज में रास्ता बंद करने की खबर आई सामने

बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने फिर से इस रास्ते को बंद करने की खबरें सामने आई हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के मुताबिक, जहाजों के पहुंचने पर रोक लगा दी गई है।

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि दो हफ्ते तक जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा, लेकिन यह सेना के साथ समन्वय और तकनीकी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

तेल टैंकरों से वसूला जाएगा शुल्क

इस बीच ईरान एक नया प्रस्ताव भी तैयार कर रहा है, जिसके तहत होर्मुज से पहुंचने वाले तेल टैंकरों से शुल्क वसूला जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भुगतान भत्ते जैसे बिटकॉइन में लिया जाएगा। ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल निर्यात संघ के प्रवक्ता हमीद होसेनी के अनुसार, टैंकरों को पहले ईमेल के जरिए अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी, जिसके बाद प्रति बैरल करीब 1 डॉलर का ट्रांजिट फीस तय किया जा सकता है।

उन्होंने दावा किया कि पेमेंट के लिए जहाजों को कुछ ही सेकंड का समय दिया जाएगा, ताकि लेन-देन को ट्रैक या जब्त न किया जा सके।

लेबनान को लेकर किया ये दावा

वहीं, युद्धविराम को लेकर एक और बड़ा विवाद सामने आया है। अमेरिका और इजरायल का कहना है कि लेबनान इस सीजफायर के दायरे में नहीं आता, लेकिन ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर बेरूत पर हमला जारी रहे तो वह समझौते से बाहर हो सकता है।

यह बयान पाकिस्तान की उस बात के उलट है, जिसमें उसने दावा किया था कि लेबनान भी इस सीजफायर का हिस्सा है।

अमेरिका ने सीजफायर को बताया- पॉज

अमेरिका ने इस सीजफायर को स्थायी शांति नहीं, बल्कि एक पॉज बताया है। अमेरिकी सेना के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के डिपार्टमेंट डैन केन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सेना फिर से तेज और सटीक कार्रवाई के लिए तैयार है।