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US strikes on Iran: अमेरिका की ईरान पर बड़ी स्ट्राइक, अब तेहरान की खुली धमकी- ‘अमेरिका को देंगे ऐसा सबक, याद रखेगा जमाना’

Iran Missile Drone Attack,: मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई के दावे के बाद पश्चिम एशिया में टकराव और गहराने के संकेत हैं। अमेरिकी ठिकानों पर कथित हमले और ईरान की चेतावनी ने अब अगली कार्रवाई को लेकर दुनिया की नजरें तेहरान और वॉशिंगटन पर टिका दी हैं।
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Sep 02, 2026
US strikes on Iran
US strikes on Iran: ईरान पर अमेरिका की ताबड़तोड़ स्ट्राइक, अब पलटवार की बारी (फोटो सोर्स:x@AJEnglish)

US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों पर हमले पूरे करने का दावा किया है। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा करते हुए अमेरिका को गंभीर चेतावनी दी है। सबसे ज्यादा चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जहां किसी भी नए सैन्य टकराव का असर वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।

US strikes on Iran: अमेरिका की स्ट्राइक के बाद ईरान का पलटवार

अमेरिका ने 1 सितंबर को ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ एक बड़े अभियान को अंजाम देने की जानकारी दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों और IRGC से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी सेना का कहना है कि हमलों में एयर डिफेंस साइट, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य संसाधन, संचार केंद्र और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता से जुड़े ठिकाने शामिल थे। वॉशिंगटन ने इन हमलों को हाल में हुई कथित गतिविधियों की प्रतिक्रिया बताया है।

हॉर्मुज में बढ़ा खतरा

अमेरिका के अनुसार, IRGC की ओर से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैन्यकर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें की गई थीं। यही वजह है कि अमेरिकी सेना ने अपने जवाबी अभियान को सुरक्षा से जोड़कर पेश किया है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पश्चिम एशिया का बेहद अहम समुद्री मार्ग है। दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां सैन्य टकराव बढ़ने पर केवल अमेरिका और ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकता है।

ईरान ने दी ‘यादगार सबक’ की धमकी

अमेरिकी हमले के बाद ईरान की तरफ से भी बेहद तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि वॉशिंगटन को इसका ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह भूल नहीं पाएगा।

ईरान के सैन्य संगठन IRGC ने दावा किया कि उसकी सेनाओं ने उत्तरी इराक के एरबिल प्रांत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से संयुक्त हमला किया।

ईरानी पक्ष के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिका के उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें दक्षिणी तटीय शहर सीरिक में एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया था। ईरान का दावा है कि उस घटना में चार लोगों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था।

हालांकि, इस हमले और इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

IRGC ने क्या-क्या तबाह करने का दावा किया?

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के जरिए सामने आए IRGC के बयान में कहा गया है कि हमले में अमेरिकी ठिकाने के एक रिपेयर सेंटर और तकनीकी उपकरणों वाले गोदामों को नुकसान पहुंचाया गया।

ईरानी संगठन ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी निगरानी गुब्बारे की गाइडेंस प्रणाली को निशाना बनाया गया। इसके अलावा बेस पर मौजूद ईंधन टैंकों में आग लगने और अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने की बात भी कही गई है।

लेकिन इन दावों को लेकर अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खास तौर पर अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की ईरानी रिपोर्ट की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि होना बाकी है।

अब सबसे बड़ा सवाल अगला वार किसका?

अमेरिका ने अपने हमले को ईरानी सैन्य क्षमताओं और कथित समुद्री खतरों के खिलाफ कार्रवाई बताया है, जबकि ईरान इसे अमेरिकी हमले का जवाब बता रहा है। दोनों पक्षों के दावे और आरोप लगातार आमने-सामने हैं।

इस स्थिति में सबसे संवेदनशील क्षेत्र स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और इराक बने हुए हैं। अगर यहां अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं, तो क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा तेजी से फैल सकता है।

फिलहाल दुनिया की निगाह इस बात पर है कि ईरान की ‘जवाबी कार्रवाई’ यहीं रुकती है या तेहरान आगे भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता है। दूसरी तरफ, वॉशिंगटन की अगली सैन्य चाल यह तय कर सकती है कि यह तनाव सीमित झड़प रहेगा या पश्चिम एशिया में एक बड़े टकराव का रूप लेगा।

Updated on:
02 Sept 2026 06:37 am
Published on:
02 Sept 2026 06:20 am