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वेनेजुएला के 65 अरब बैरल क्रूड पर अमेरिका का का कब्जा, चीन और रूस से सीधा मुकाबला

अमेरिका ने चीन और रूस को पछाड़कर वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में हासिल की सीधी हिस्सेदारी! पेंटागन की इस महा-डील से 65 अरब बैरल क्रूड पर अमेरिका का नियंत्रण।
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भारत

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 2 Sep 2026, 4:07 AM IST

US oil equity Venezuela

वेनेजुएला के 65 अरब बैरल क्रूड पर अमेरिका का नियंत्रण, photo credit : AI

US Venezuela Oil Deal: वॉशिंगटन ने एक रणनीतिक समझौते को अंतिम रूप दिया है, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका को वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में सीधे स्वामित्व का हिस्सा मिल गया है, जो पहले चीनी और रूसी कंपनियों के प्रभाव में थे।

यह समझौता पेंटागन के 'ऑफिस ऑफ स्ट्रैटेजिक कैपिटल' के माध्यम से निष्पादित किया गया और वेनेजुएला के व्यवसायी अलेहान्द्रो बेटांकुर्त से जुड़े एक निजी ऑपरेटिंग फर्म के साथ साझेदारी में किया गया। यह सौदा अमेरिकी ऊर्जा आपूर्ति को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित करता है, लागत दर (कॉस्ट) पर क्रूड खरीदने की अनुमति देता है, और वेनेजुएला में पश्चिमी गोलार्ध-समर्थित अर्थव्यवस्था को स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।

यह ब्लॉक पहले चीनी और रूसी कॉर्पोरेट प्रभाव में था और इसमें अनुमानित 65 अरब बैरल प्रमाणित (प्रूवेन) भंडार हैं। अधिकारियों के अनुसार यह वेनेजुएला के कुल भंडार का एक हिस्सा मात्र है, जिसे उन्होंने इस राशि से दोगुना या उससे अधिक बताया है और आगे की विदेशी निवेश उपलब्धता के लिए खोल दिया है।

अमेरिकी अधिकारी बोले, यह महत्वपूर्ण डील

भू-राजनीति अक्सर आदर्श और अपूर्ण के बीच का चुनाव नहीं है। यह अक्सर यह है कि आप सबसे अच्छा परिणाम खोजने की कोशिश कर रहे हैं, और आपको उन कारकों के साथ काम करना पड़ता है जो आपके पास मौजूद हैं, अधिकारी ने मीडिया से कहा।

इसके साथ ही, यह बदलाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है, खासकर भारत के लिए, जो एक बड़ा आयातक है और जिसकी रिफाइनरीज विशेष रूप से वेनेजुएला के भारी क्रूड को प्रोसेस करने में सक्षम हैं। भारत ऐसे समय में अपने ऊर्जा स्रोतों में बदलाव ला रहा है जब गल्फ (खाड़ी) में उथल-पुथल चल रही है और वह वॉशिंगटन, मॉस्को व बीजिंग के साथ अपने संबंधों को संतुलित कर रहा है।

अमेरिकी अधिकारियों ने इस डील को एक महत्वपूर्ण चाल के रूप में प्रस्तुत किया है ताकि वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों को चीनी और रूसी प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकाला जा सके, और पूर्व विदेशी कॉर्पोरेट प्रभाव से अनुमानित 65 बिलियन बैरल प्रमाणित भंडार को सुरक्षित किया जा सके।

निजी कॉर्पोरेट शामिल

यह समझौता पेंटागन के स्ट्रैटेजिक कैपिटल कार्यालय के माध्यम से किया गया है और इसमें सीधे सरकारी भागीदारी के बजाय निजी कॉर्पोरेट संरचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, अपेक्षा की जा रही है कि शेवरॉन (Chevron) अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट की यात्रा के दौरान अपने वेनेजुएला ऑपरेशन्स के विस्तार की घोषणा करेगा।

यह समझौता पेंटागन के स्ट्रैटेजिक कैपिटल कार्यालय के माध्यम से किया गया है, जो बाइडन-युग का एक कानूनी निकाय है और अधिकारियों का कहना है कि इसने पहले भी अन्य जगहों पर इक्विटी पोजीशन ली है। विशेष रूप से, यह समझौता वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ नहीं, बल्कि एक निजी, विदेशी पंजीकृत ऑपरेटिंग कंपनी के साथ किया गया था।

उस कंपनी का करीबी संबंध वेनेजुएला के व्यवसायी अलेहान्द्रो बेटांकुर्त से है, जिसे अधिकारियों ने देश का सबसे बड़ा निजी तेल ऑपरेटर बताया है और उन कुछ लोगों में शामिल कहा है जिनके तेल क्षेत्रों ने संकट के दौरान भी काम करना जारी रखा। बेटांकुर्त को मदुरो युग से जुड़ी भ्रष्टाचार की शिकायतों और यूरोप में जांच का सामना करना पड़ा है; हालांकि अधिकारियों ने उसके साथ काम करने का बचाव किया और यह स्पष्ट किया कि उसने पहले विपक्षी नेता जुआन गुआइदो (Juan Guaidó) का समर्थन किया था।