1 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारत-अमेरिका की नई रणनीतिक डील! क्रिटिकल मिनरल्स पर साथ आए दोनों देश

भारत-अमेरिका ने G20 बैठक के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स और सुरक्षित सप्लाई चेन पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट को भारत आने का न्योता दिया।
2 min read
Google source verification
India US Economic Partnership

भारत-अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स और सुरक्षित सप्लाई चेन पर सहयोग बढ़ाने पर सहमत, photo credit: IANS

India-US Relations: भारत और अमेरिका ने अपने लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों के तहत क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। यह सहमति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के बीच हुई बातचीत के बाद बनी है।

दोनों नेताओं की मुलाकात नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान हुई। इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स और सुरक्षित सप्लाई चेन को भारत-अमेरिका आर्थिक संवाद के केंद्र में रखा गया।

अमेरिकी वित्त सचिव को भारत आने का न्योता

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त सचिव बेसेंट को इस साल के अंत में नई दिल्ली आने का न्योता दिया, ताकि भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक हो सके। इस प्रस्तावित दौरे से दोनों सरकारों को आर्थिक और वित्तीय सहयोग की समीक्षा करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का एक और मौका मिलेगा, जिनमें साझेदारी का विस्तार किया जा सकता है।

भारत के वित्त मंत्रालय के अनुसार, बेसेंट ने जी7 प्लस फ्रेमवर्क में भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स पर जी7 के नेतृत्व वाले संवादों में भारत की भागीदारी का भी स्वागत किया। मंत्रालय ने बताया कि ये चर्चाएं सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और रिसर्च व टेक्नोलॉजी साझा करने के उद्देश्य से की जा रही हैं। क्रिटिकल मिनरल्स प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और रणनीतिक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। एशविले में हुई बैठक ने भारत और अमेरिका को इस मुद्दे को अपनी व्यापक वित्तीय और आर्थिक साझेदारी से जोड़ने का अवसर दिया।

वित्तीय साझेदारी जुड़ाव का अहम माध्यम बनेगी

भारत के लिए, क्रिटिकल मिनरल संवादों में भागीदारी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर सप्लाई-चेन सुरक्षा, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर काम करने का एक अवसर प्रदान करती है। अमेरिका के लिए, भारत की भागीदारी इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संसाधनों से जुड़े प्रयासों में एक बड़ी अर्थव्यवस्था और एक महत्वपूर्ण उभरते बाजार को जोड़ती है।

वित्त सचिव बेसेंट को दिया गया न्योता इस बात का भी संकेत है कि आर्थिक और वित्तीय साझेदारी नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी रहेगी। यह व्यवस्था दोनों देशों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर व्यापक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति देती है। इस साल के अंत में नई दिल्ली में प्रस्तावित बैठक एशविले वार्ता के बाद इन परामर्शों को जारी रखेगी। वित्त मंत्रालय ने नई दिल्ली बैठक की कोई तारीख नहीं बताई। उसने यह भी खुलासा नहीं किया कि दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर किन विशिष्ट पहलों को आगे बढ़ा सकते हैं।