
US-Iran Relations: ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर अब आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया था। अमेरिका इसके लिए सहमत तो हो गया, लेकिन तेहरान को साफ बता दिया गया है कि फिलहाल कोई युद्धविराम लागू नहीं है।
ट्रंप ने कहा कि तेहरान द्वारा वार्ता जारी रखने के अनुरोध के बाद अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के लिए सहमत हो गया था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम समाप्त हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे पर खबर लिखे जाने तक ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आपको बता दें कि पहले भी ट्रंप इस प्रकार के दावे कर चुके हैं। अब देखना यह होगा कि तेहरान की ओर से क्या जवाब आता है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की उप दूत टैमी ब्रूस ने कहा है कि ईरान के साथ कूटनीति के द्वार खुले हैं, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आपातकालीन सत्र में कहा कि हालांकि बातचीत संभव है, लेकिन जब तक ईरान नागरिक ठिकानों पर गोलीबारी करता रहेगा तब तक अमेरिका बातचीत नहीं कर सकता। यदि आप नागरिक ठिकानों या जहाजों पर गोलीबारी करते हैं, तो हम भी जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप शांति को प्राथमिकता देते हैं।
अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के पांच प्रांतों में कई स्थानों पर किए गए हालिया हमलों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई युद्धविराम वार्ता को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं। खबरों के मुताबिक, कतर के वार्ताकार ईरानी अधिकारियों से मिलने के लिए ईरान में हैं ताकि वार्ता के एक नए दौर के लिए परिस्थितियां बनाई जा सकें और दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम किया जा सके।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में 14 लोग मारे गए और 78 अन्य घायल हो गए, जिसके बाद तनाव कम करने के प्रयासों का यह नवीनतम दौर शुरू हुआ। इन हमलों में उत्तरी ईरान के हवाई अड्डों, रसद नेटवर्क, समुद्री निगरानी संपत्तियों और रेलवे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इन हालिया हमलों ने दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बढ़ा दिया है, खासकर तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों के बाद, जब उन्होंने एकतरफा रूप से समझौता ज्ञापन को रद्द कर दिया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह के दौरान ईरान के खिलाफ हमले न करने के अपने वादे से पीछे हट गए। और अपना वचन देने के बावजूद, उन्होंने ठीक उसी समय हमला किया जब सर्वोच्च नेता को मशहद शहर में दफनाया जा रहा था।