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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना अहम क्यों? भारत समेत दुनिया की नजरें टिकीं

अमेरिका-ईरान तनातनी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अस्थायी बंद। दोनों देशों के तनाव के चलते भविष्य में वैश्विक तेल सप्लाई पर असर की आशंका बढ़ी। जानें 20% कच्चे तेल के इस अहम समुद्री मार्ग के बंद होने का भारत और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ सकता है प्रभाव।
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Feb 18, 2026
Donald Trump and Ayatollah Khamenei
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Photo Credit - IANS/ANI)

ईरान ने मंगलवार को सैन्य अभ्यास के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को अस्थायी तौर पर बंद करने का ऐलान कर दुनिया को चौकन्ना कर दिया है। खास बात यह है कि अमेरिका द्वारा ईरान को धमकी देने और क्षेत्र में सैन्य संसाधन बढ़ाने के बाद पहली बार ईरान ने इस अहम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को अस्थायी तौर पर बंद करने की घोषणा की। इस मार्ग से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। भविष्य में ईरान का इस तरह कदम मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव को और बढ़ा सकता है, साथ ही संभावित युद्ध की आशंका को जन्म दे सकता है। इसे अमेरिका द्वारा हमले की धमकियों के बीच ईरान की ओर से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित असर के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

1980 के बाद पहली बार…

अतीत में तनाव के दौरान ईरान ने इस संकरे मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को परेशान किया है। 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के दौरान दोनों पक्षों ने टैंकरों और अन्य जहाजों पर हमले किए थे। समुद्री बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल कर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप कर दिया था। हालांकि 1980 के दशक के बाद यहां तक कि पिछले वर्ष 12 दिवसीय तनातनी के दौरान (जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान के प्रमुख परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बमबारी की थी) भी ईरान ने जलमार्ग को पूरी तरह बंद करने की धमकी को अमल में नहीं लाया था।

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के बंद किए जाने या ईरान के लाइव फायर अभ्यास पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि कुछ सप्ताह पहले ईरानी सैन्य अभ्यास के दौरान उसने तेहरान को चेतावनी दी थी कि अमेरिकी सेना, क्षेत्रीय साझेदारों या वाणिज्यिक जहाजों के पास किसी भी असुरक्षित और गैर-पेशेवर व्यवहार से टकराव और तनाव बढ़ सकता है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी (प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, कतर, यूएई और ईरान जैसे बड़े ऊर्जा उत्पादक देश अपने तेल-गैस निर्यात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। अगर यहां रुकावट आती है तो वैश्विक तेल कीमतों में तुरंत उछाल आ सकता है।

चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर हैं। इस मार्ग के बंद होने से एशिया की अर्थव्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ सकता है। अगर यह मार्ग कुछ घंटों के लिए भी बंद हो जाए तो बाजारों में घबराहट फैल सकती है। लंबी अवधि के अवरोध से सप्लाई चेन, ईंधन कीमतें, महंगाई और शेयर बाजार प्रभावित हो सकते हैं।

Updated on:
18 Feb 2026 09:28 am
Published on:
18 Feb 2026 09:28 am