
अमेरिका-ईरान में जंग। (Photo-IANS)
US Iran tensions 2026: मध्य पूर्व में तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी अचानक बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में 50 से अधिक लड़ाकू विमान क्षेत्र में तैनात किए गए हैं, जबकि दूसरी ओर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने इसे वायु और नौसैनिक ताकत में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी बताया है।
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, कई एफ-22, एफ-35 और एफ-16 लड़ाकू विमान मध्य पूर्व की ओर बढ़ते देखे गए। इनके साथ हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं, जो संकेत देता है कि अमेरिका लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने की तैयारी में है। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि “सिर्फ 24 घंटों में 50 से अधिक फाइटर जेट क्षेत्र में भेजे गए हैं।”
यह सैन्य जमावड़ा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देशों के प्रतिनिधि जिनेवा में अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के दूसरे दौर में शामिल हैं।
इस बीच, अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ कैरेबियन से निकलकर अटलांटिक महासागर के मध्य में पहुंच चुका है और मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, यह पोत तीन गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक युद्धपोतों के साथ चल रहा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे ईरान के आसपास के जलक्षेत्र तक पहुंचने में एक सप्ताह से अधिक समय लग सकता है। इससे पहले यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित कई अमेरिकी सैन्य संसाधन पहले से ही क्षेत्र में मौजूद हैं।
सैन्य शक्ति प्रदर्शन के बावजूद कूटनीतिक मोर्चे पर दोनों पक्ष सावधानी भरा सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वार्ता में “प्रगति हुई है, लेकिन अभी कई मुद्दों पर चर्चा बाकी है।”
जिनेवा में हुई ताजा बातचीत के बाद जेडी वेंस ने कहा कि ईरान अभी तक डोनाल्ड ट्रंप की तय की गई अहम शर्तें मानने को तैयार नहीं है। वेंस ने साफ कहा कि ट्रंप ने कुछ “रेड लाइन्स” (कड़ी शर्तें) रखी हैं, जिन्हें ईरान फिलहाल स्वीकार नहीं कर रहा।
Updated on:
18 Feb 2026, 8:29 AM IST
Published on:
18 Feb 2026, 8:29 AM IST
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