
US Iran Tensions: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है। हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे को लेकर दोनों देशों की तरफ से दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर नौसैनिकों की मौत से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट को मनगढ़ंत और झूठा बताया है। इसके अलावा समुद्र में गिरे नाविक को लेकर भी जानकारी साझा की है। ध्यान रहे कि यह विमानवाहक पोत हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास सुरक्षा और नाकेबंदी अभियान में तैनात है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड की तरफ से यह बयान उस वक्त सामने आया है, जब ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि यूएसएस अब्राहम लिंकन युद्धपोत पर बढ़ते तनाव और लंबी तैनाती की वजह से चालक दल में अशांति बढ़ गई है। ईरानी मेहर न्यूज़ एजेंसी ने झड़पों में अमेरिकी नौसेना के सात कर्मियों की मौत की खबर और कई अन्य के घायल होने की खबर दी थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन मीडिया रिपोर्टों को लेकर सोशल मीडिया 'एक्स' पर आधिकारिक बयान जारी किया। बयान के मुताबिक, 'Abraham Lincoln Carrier Strike Group के नाविक और मरीन 260 दिनों से अधिक समय समुद्र में बिताने, 10,000 विमान उड़ानों और 15 लाख पाउंड आयुध के इस्तेमाल के बाद भी पूरी तरह दृढ़ और संकल्पित हैं।'
इसी सोशल मीडिया पोस्ट के बयान में आगे कहा गया है कि विमानवाहक पोत पर किसी भी सैन्यकर्मी की मौत नहीं हुई है। 3 अगस्त को समुद्र में गिरे एक नाविक को भी तुरंत और सुरक्षित रूप से बचा लिया गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आगे कहा कि अब्राहम लिंकन की ऐतिहासिक तैनाती को लेकर की जा रही गलत रिपोर्टिंग हमारे जवानों और उनके प्रियजनों के साथ अन्याय है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा है कि उनका देश ईरान के खिलाफ ऐसे कदम उठाने जा रहा है, जो पहले कभी नहीं देखे गए होंगे। न्यूज़मैक्स को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा, 'अगले सप्ताह होने वाली और घोषणाओं के लिए तैयार रहें, क्योंकि हम किसी देश को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए ऐसे कदम उठाने जा रहे हैं।'