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US-Iran-War: सिर्फ 30% अमेरिकी करते है ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन, उनके अनुसार यह मंहगा सौदा

Iran-US-War: अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर जनता का समर्थन लगातार घट रहा है। 30 प्रतिशत से भी कम अमेरिकी इस अभियान के पक्ष में हैं और बढ़ती लागत, महंगाई तथा लंबे युद्ध की आशंका को इसका सबसे बड़ा कारण मान रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिका लगातार ईरान पर सैन्य कार्रवाई तेज कर रहा है।
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Jul 23, 2026
Iran-US Relations
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)

Iran War: ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर अब अमेरिका के भीतर ही विरोध बढ़ता दिखाई दे रहा है। अलग-अलग जनमत सर्वे बताते हैं कि 30 प्रतिशत से भी कम अमेरिकी इस युद्ध का समर्थन कर रहे हैं और समय के साथ यह समर्थन लगातार घट रहा है। आम लोगों का मानना है कि यह युद्ध अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से बहुत महंगा साबित हो रहा है और इसका बोझ सीधे जनता पर पड़ रहा है।

जंग का समर्थन करते है अमेरिकी- ट्रंप

विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अमेरिका को लंबे विदेशी युद्धों से बाहर निकालने और फॉरएवर वॉर खत्म करने का वादा किया था। लेकिन अब ईरान के साथ बढ़ते सैन्य अभियान ने कई मतदाताओं को निराश किया है। वहीं तेल और ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की लागत भी बढ़ी है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि इस मामले पर राष्ट्रपति ट्रंप से की राय इन रिपोर्ट्स से कुछ और है क्योंकि उन्होंने हाल ही में यह दावा किया है कि अमेरिका के लोग ईरान के खिलाफ जारी उनकी लड़ाई का पूरी तरह से समर्थन करते है।

युद्ध का बढ़ता खर्च बना सबसे बड़ा मुद्दा

राष्ट्रपति ट्रंप का दावा कुछ भी लेकिन रिपोर्ट्स इस बात का पूरी तरह से खंडन करती है। रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 28 से 30 प्रतिशत अमेरिकी ही इस जंग का समर्थन करते है। इसका सबसे बड़ा कारण इस युद्ध की लागत को माना जा रहा है। लोगों का मानना है कि जब देश पहले से महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब अरबों डॉलर युद्ध पर खर्च करना सही फैसला नहीं है। इसी बीच कैपिटल हिल में रक्षा मंत्री और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ईरान अभियान को जारी रखने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। इसके बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने युद्ध के लिए 73 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त राशि को मंजूरी देने वाला प्रस्ताव पारित कर दिया। हालांकि बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों का कहना है कि देश इस तरह के भारी खर्च का बोझ नहीं उठा सकता।

ईरान पर लगातार 12वीं रात भी हमले जारी

जहां एक तफ अमेरिकी जनता इस युद्ध का विरोध कर रही है वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार 12वीं रात भी ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे। इन हमलों में समुद्री सैन्य क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों, तटीय निगरानी ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान की समुद्री जहाजों और व्यापारिक पोतों पर हमला करने की क्षमता को कमजोर करना है। सेंटकॉम ने यह भी कहा कि इस महीने दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है और क्षेत्र में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक पूरी तरह सतर्क हैं।

Updated on:
23 Jul 2026 09:14 am
Published on:
23 Jul 2026 08:51 am