US-Israel Iran War: ईरान का दावा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में 5 स्कूली छात्रों की मौत हो गई है। हमलों की जवाबी कार्रवाई में ईरान ने मिडिल ईस्ट स्थित वॉशिंगटन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
US-Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल, अमेरीका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष अब खुली सैन्य कार्रवाई में बदल गया है। इजरायल और अमेरिका ने शनिवार सुबह ईरान पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों के दौरान राजधानी तेहरान और सुप्रीम लीडर खामेनेई के निजी आवास और कार्यालय समेत कई ठिकाणों को निशाना बना गया। धमकों की आवाज से पूरा ईरान दहल उठा और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख कमांडर हुसैन सलामी की मौत हो गई। इन हमलों में कुल कितने लोग मारे गए यह अभी सामने नहीं आ पाया है। इसी बीच ईरान ने यह दावा किया है कि एक प्राथमिक स्कूल पर इजरायल ने बम गिराए जिसके चलते 40 स्कूली बच्चों की मौत हो गई है।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इजरायल ने दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत में स्थित मीनाब शहर के एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल को निशाना बनाया था। इजरायल ने इस स्कूल पर मिसाइल गिराई जिसके चलते 24 छात्रों की मौत हो गई। इस घटना के बाद ईरान में भारी आक्रोश देखने को मिला और ईरान ने जवाबी कार्रवाई में वॉशिंगटन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को यादगार सबक सीखाने की चेतावनी भी दे डाली।
ईरानी सेना ने इजरायल और अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह उन्हें ऐतिहासिक सबक सिखाएंगे। ईरानी सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता, ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेकरची ने साफ कर दिया कि अगर कोई देश या वहां मौजूद कोई भी सैन्य ठिकाना इजरायल की मदद करता है, तो ईरान की सेना उसे निशाना बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी सुरक्षा और इस्लाम की रक्षा करने के लिए वह किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
इजरायल और अमेरिका की इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख कमांडर हुसैन सलामी समेत एक और कंमाडर के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है। वहीं तेहरान पर हमले के बाद से ही खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। ट्रंप ने खुद बयान जारी कर इन हमलों में अमेरिका की भूमिका की पुष्टि की है। ट्रंप ने इस हमले को ईरान के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने ईरान में एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की है। हम वहां की क्रूर सरकार से पैदा होने वाले खतरे को पूरी तरह खत्म कर देंगे।