Middle East crisis: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान से परमाणु हथियारों को लेकर अटकलें तेज, हालांकि व्हाइट हाउस ने इन आशंकाओं को खारिज किया। मध्य पूर्व में हालात तनावपूर्ण, कतर ने दी चेतावनी।
White House on nuclear threat: ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि आज रात (वॉशिंगटन के समयानुसार मंगलवार रात 8 बजे) एक सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। ईरान को नेस्तनाबूद करने की उनकी धमकी के बाद दुनिया भर में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, इस तरह की तमाम अटकलों के बीच व्हाइट हाउस की ओर से इस पर बड़ा बयान सामने आया है।
दरअसल, व्हाइट हाउस ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर दुनिया भर में चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर विचार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि ट्रंप के 'सभ्यता खत्म हो जाएगी' वाले बयान पर IRGC और दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई।
दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि ईरान की प्राचीन सभ्यता ऐसा करारा जवाब देगी, जिसे अमेरिका कभी भूल नहीं पाएगा। वहीं IRGC ने ट्रंप की धमकी पर कहा कि अगर अमेरिकी सेना अपनी हदें पार करती है, तो उनकी प्रतिक्रिया इस क्षेत्र से भी आगे तक जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा और वर्षों तक तेल-गैस की आपूर्ति बाधित की जा सकती है।
उधर, ईरान के साथ तनाव के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चर्चा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौते को लेकर बातचीत का ठोस नतीजा निकलता है, तो डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है।
कतर ने मंगलवार को चेतावनी दी कि मध्य-पूर्व की स्थिति ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हालात काबू से बाहर हो सकते हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी से जब मौजूदा स्थिति पर पूछा गया कि क्या अमेरिका की तय डेडलाइन से पहले तनाव कम हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि कोशिश यही है कि हालात बेकाबू होने से पहले कोई रास्ता निकले। कतर ने यह भी कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता सभी क्षेत्रीय देशों की सहमति से होना चाहिए और इस मसले में किसी को बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।