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US Jordan Air Base Attack: अमेरिकी एयरबेस पर बड़ा हमला! A-10 Thunderbolt का विंग गायब, F-15 लड़ाकू विमानों को पहुंचा नुकसान

Iran Israel Conflict: जॉर्डन के Muwaffaq Salti Air Base पर रातभर चले हमलों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। एक A-10 बुरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि कई F-15 मामूली नुकसान के बाद फिर ऑपरेशन में लौट आए।
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Sep 10, 2026
US Jordan Air Base attack
US Jordan Air Base Attack :जॉर्डन एयरबेस पर ईरानी हमला: अमेरिकी A-10 का पंख टूटा (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

US Military Sircraft Damage: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच जॉर्डन स्थित एक अहम अमेरिकी एयरबेस भी हमले की चपेट में आ गया। रात के वक्त हुए इस हमले में अमेरिकी वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त होने की खबर है। इनमें A-10 Thunderbolt सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है, जबकि कई F-15 लड़ाकू विमानों को भी नुकसान पहुंचा। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद बेस पर तैनात अमेरिकी बलों ने मिसाइलों से हमले को रोकने की कोशिश की।

US Military Sircraft Damage: रात के हमले में अमेरिकी विमानों को नुकसान

जॉर्डन के अम्मान से जुड़े सैन्य क्षेत्र में स्थित Muwaffaq Salti Air Base पर रात के समय हुए हमले में कई अमेरिकी सैन्य विमान निशाना बने। Reuters ने अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से यह जानकारी दी है। CBS रिपोर्टर Jennifer Jacobs ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि हमले में अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा।

रिपोर्ट के अनुसार, A-10 Thunderbolt II को सबसे गंभीर क्षति हुई। इस विमान का एक विंग यानी पंख टूट गया। A-10 को अमेरिकी सैन्य जगत में ‘Warthog’ के नाम से भी जाना जाता है। यह विमान खासतौर पर जमीन पर मौजूद सैन्य ठिकानों और बख्तरबंद लक्ष्यों के खिलाफ करीबी हवाई सहायता के लिए प्रसिद्ध है।

US Military Sircraft Damage: आठ F-15 को भी लगा झटका

हमले की चपेट में करीब आठ F-15 लड़ाकू विमान भी आए। हालांकि इन विमानों को अपेक्षाकृत हल्का नुकसान होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आवश्यक जांच और मरम्मत के बाद इन्हें दोबारा सेवा में लगा दिया गया।

F-15 अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख एयर-सुपीरियरिटी लड़ाकू विमानों में शामिल है। इसकी लंबी परिचालन क्षमता और भारी हथियार ले जाने की क्षमता के कारण यह अमेरिकी हवाई अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में एक ही सैन्य ठिकाने पर कई F-15 के क्षतिग्रस्त होने की खबर रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

ईरान के जवाबी हमले से जुड़ी कड़ी

यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से काफी बढ़ा हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को अमेरिका की ओर से ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद घटनाक्रम और तेज हुआ। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।

IRGC के मुताबिक उसके हमलों में आठ टैंकरों, दो युद्धपोतों और जॉर्डन स्थित एयरबेस को निशाना बनाया गया। हालांकि हमले और उससे हुए नुकसान से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

30 से ज्यादा Patriot मिसाइलें दागे जाने का दावा

अमेरिकी सैन्य बलों ने आने वाले प्रोजेक्टाइल को रोकने के लिए कथित तौर पर 30 से अधिक Patriot मिसाइलें दागीं। इससे संकेत मिलता है कि हमला काफी व्यापक था और अमेरिकी रक्षा प्रणाली को सक्रिय रूप से इस्तेमाल करना पड़ा।

जॉर्डन मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में वहां मौजूद अमेरिकी ठिकाने पर हमला केवल विमानों के नुकसान तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में बढ़ते टकराव और अमेरिकी सैन्य तैनाती के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौती को भी रेखांकित करता है।

Updated on:
10 Sept 2026 08:59 am
Published on:
10 Sept 2026 08:34 am