
अमरीका-ईरान जंग में तेज हुए हमले, एक दर्जन से ज्यादा तेल टैंकरों पर हमला, photo source: ChatGpr
US Iran Tension: अमरीका-ईरान के बीच जंग और तेज हो गई है। अमरीका ने देर रात पांच ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके साथ ही 36 ईरानी संस्थाओं पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए। यूएस सेंटकॉम ने इन हमलों के वीडियो भी जारी किए।
अमरीकी कार्रवाई से ईरान भी बौखला गया। दो यूएस नेवी के युद्धपोतों पर मिसाइलें दागने के साथ ही होर्मुज से लेकर फारस की खाड़ी में करीब 10 तेल टैंकरों पर हमले किए। यूएस नेवी ने अपने युद्धपोतों को नुकसान होने से इंकार किया है। ईरानी फोर्सेस ने जॉर्डन स्थित अमरीकी सैन्य बेस पर भी 20 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से सैन्य बेस को हिट करने मेंं सफल भी रहीं। ईरानी मिसाइलों को रोकने करने के लिए 50 से ज्यादा इंटरसेप्टर लांच की गईं।
ईरान ने मंगलवार रात एक अमरीकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया। वहीं आइआरजीसी ने साफ कहा है कि अगर उसके तेल टैंकरों पर हमले होंगे तो वह भी क्षेत्र में स्थित तेल टैंकरों पर हमले करेगा। वहीं पेंटागन के हवाले से प्रकाशित अमरीकी रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान युद्ध में घायल अमरीकी सैनिकों की संख्या 838 तक पहुंच गई है।
कारगो शिप- 162
टैंकर- 42 (18 तेल से लदे)
सपोर्ट व अन्य जहाज- 125
मछली पकड़ने वाले जहाज- 51
यात्री जहाज- 26
यमन के हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों की भारत ने निंदा की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सऊदी अरब की संप्रभुता पर हुए हमले की निंदा करता है। ऐसे हमले जिनसे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता और कमजोर पड़े और बाब अल-मंडेब में जहाजों की आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा हो, अस्वीकार्य हैं।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार रात को दावा किया कि उसने यूएस नेवी के एक बेहद एडवांस अंडरवॉटर ड्रोन को कब्जे में लिया है। इस अंडरवाटर ड्रोन को पिछले साल ही यूएस नेवी में शामिल किया गया था। 5.8 मीटर लंबा यह अंडरवॉटर व्हीकल समुद्र के नीचे निगरानी, माइन का पता लगाने के साथ समुद्र तल की मैपिंग करने में समक्ष है। वहीं यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार इस ड्रोन में एक दिन पहले खराबी आ गई थी। यह ड्रोन का पुराना मॉडल था।
Updated on:
10 Sept 2026 03:19 am
Published on:
10 Sept 2026 03:19 am
