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US Iran War: ट्रंप का बड़ा दावा: चुनाव के बाद खत्म होगा ईरान युद्ध? तेल की कीमतों पर भी दिया संकेत

Donald Trump Iran Talks : वॉशिंगटन से आए इस बयान ने संकेत दिया है कि ईरान संघर्ष अब केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा। इसके असर अमेरिकी चुनावी राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार तक दिखाई दे रहे हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 10, 2026

Trump Iran War Updates

Trump Iran War Updates: ट्रंप का बड़ा ऐलान! चुनाव के बाद खत्म होगी जंग? तेल की कीमतों पर भी किया चौंकाने वाला दावा (फोटो सोर्स:@aljazeera.com)

Iran War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है, जिसने युद्ध के भविष्य और वैश्विक तेल बाजार दोनों पर नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप का कहना है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद संघर्ष खत्म हो सकता है। उनके इस दावे के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी घरेलू राजनीति और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई सवाल फिर सामने आ गए हैं।

US Iran War: चुनाव के बाद युद्ध खत्म होने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध नवंबर के मध्यावधि चुनावों के तत्काल बाद समाप्त हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, उस समय तक तेहरान के पास संघर्ष जारी रखने की क्षमता सीमित हो सकती है।

यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो रहा है। इन चुनावों के जरिए कांग्रेस में सत्ता का संतुलन बदल सकता है। ट्रंप की अपनी पार्टी के भीतर भी युद्ध को लेकर दबाव बढ़ने की बात सामने आ रही है।

ट्रंप ने तेल कीमतों को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में लड़ाई तेज होने के बीच तेल की कीमतें बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। जुलाई के बाद यह पहली बार था जब कीमत इस स्तर के आसपास गई।

ईरान पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप

ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप भी लगाया। उनका दावा था कि तेहरान ऐसी राजनीतिक स्थिति चाहता है, जिससे अमेरिका में कमजोर नेतृत्व सामने आए और बाद में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सके।

हालांकि ईरान लगातार इस आरोप को खारिज करता रहा है कि उसका उद्देश्य परमाणु हथियार विकसित करना है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों पर आधारित है।

विशेषज्ञ बोले- तारीख तय करना मुश्किल

ट्रंप के युद्ध समाप्त होने के अनुमान पर मध्य-पूर्व मामलों के विशेषज्ञ एलेक्स वटांका ने सवाल उठाए हैं। समाचार एजेंसी अल जजीरा को दिए विश्लेषण में उन्होंने कहा कि नवंबर के चुनाव को युद्ध खत्म होने की निश्चित समयसीमा मानना वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाता।

वटांका के मुताबिक, ईरान किसी अमेरिकी चुनाव की तारीख का इंतजार करने के बजाय ऐसे समझौते की तलाश कर सकता है जिसे वह अपने लिए कूटनीतिक उपलब्धि मान सके। इसमें परमाणु कार्यक्रम का भविष्य और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं।

विशेषज्ञ का मानना है कि स्थायी समाधान के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू होना जरूरी होगा। केवल सैन्य दबाव या आर्थिक प्रतिबंधों से तेहरान को झुकने के लिए मजबूर कर पाना निश्चित नहीं है।

तेल बाजार पर टिकी दुनिया की नजर

ईरान संघर्ष के बीच सबसे बड़ी चिंता ऊर्जा आपूर्ति को लेकर है। फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग हैं। यहां किसी भी लंबे व्यवधान का असर ईंधन की कीमतों और महंगाई पर दुनिया के कई देशों में पड़ सकता है।

ट्रंप का दावा फिलहाल युद्ध समाप्ति की एक राजनीतिक उम्मीद है, पक्की समयसीमा नहीं। असली तस्वीर इस बात से साफ होगी कि आने वाले महीनों में सैन्य कार्रवाई के साथ कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुलता है या नहीं।